क्राइम

ऑनलाइन गेम बना मौत का खेल! लखनऊ में 6 साल के बच्चे ने गंवाए 13 लाख रुपये, फिर फांसी लगाकर कर दे दी जान

Lucknow Boy Suicide Online Game: लखनऊ में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 6 साल के छात्र ने ऑनलाइन गेम में लाखों रुपये हारने के बाद आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि वो सारा पैसा फ्री फायर नाम के ऑनलाइन गेम में हार गया.

लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके का रहने वाला छात्र यश बीआईपीएस स्कूल में पढ़ता था. उसके पिता सुरेश कुमार यादव पुताई का काम करते हैं. करीब दो साल पहले उन्होंने जमीन बेचकर 13 लाख रुपये जमा किए थे. उनका खाता यूनियन बैंक के बिजनौर शाखा में था.

पासबुक अपडेट कराने पर खुला मामला

सोमवार को जब पिता पासबुक अपडेट कराने जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि 13 लाख रुपये अकाउंट में कम हैं. ये देखते ही वो हैरान रह गए. जब उन्होंने जांच की कि ये पैसे कहां गए तो पता चला कि ये रकम ऑनलाइन गेम के जरिये खर्च हुई है. घर लौटकर सुरेश ने बेटे से जब इस बारे में पूछा तो पहले तो यश ने कुछ बताने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में वो मान गया कि उसने ये पैसे फ्री फायर गेम में हार गया है.

पंखे से लटककर कर ली आत्महत्या

इसके बाद भी पिता ने बेटे को प्यार से ऐसा नहीं करने के लिए समझाया. इसके बाद पिता ने ट्यूशन टीचर को भी इस बारे में बताया, जिसपर टीचर ने कहा कि वो यश को समझा देंगे. आगे से वो ऐसा कुछ नहीं करेगा, लेकिन यश ने घर में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली.

डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

बेटे को फांसी पर लटका देख परिजन आनन-फानन में यश को स्वास्थ्य केंद्र ले गए. जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मामले की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

घटना सामने आने के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. जानकारी के अनुसार यश अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. मां ने जब बेटे की मौत की सूचना सुनी तो बेहोश हो गईं. वहीं घर के बाकि सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

एशियन गेम्स में मेडल जिताने वाले कोच को महीनों से नहीं मिला वेतन

एशियन गेम्स में भारत को 3 गोल्ड मेडल जिताने वाले कंपाउंड आर्चरी टीम के कोच…

8 hours ago

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पीएम मोदी से की मुलाकात, राज्य में शांति बहाली और विकास कार्यों पर हुई चर्चा

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह…

8 hours ago

एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सीएम योगी से की भेंट, शिक्षा और शोध पर हुई चर्चा

एमजेपी रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने सीएम योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार…

8 hours ago

लखनऊ के कैफे संचालक की संदिग्ध मौत पर उठे सवाल, मां बोली- ‘कान से खून बह रहा था, आंखें फूटी थीं’

लखनऊ के हजरतगंज में कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला गरमा गया…

9 hours ago