UP C.I.D. OFFICE
उत्तर प्रदेश अपराध अनुसंधान विभाग ( C.I.D )में गबन,घोटाला भ्रष्टाचार जैसे आदि बड़े आपराधिक मामलों की विवेचना होती है. यूपी सी.आई.डी इन मामलों की गहनता से जांच करती है और अधिकतर मामलों में न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करती है या फिर दोषी न पाए जाने से फाइनल रिपोर्ट लगाकर मामले को समापन के लिए गृह विभाग अपनी रिपोर्ट लगाकर भेज देती है.
यूपी सी.आई.डी को दोषी आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए कम ही देखा जाता है लेकिन अब सी.आई.डी के महानिदेशक दिपेश जुनेजा ने अपनी मेहनत और कार्यकुशलता से सी.आई.डी विभाग को काफी सक्रिय कर दिया है. 2025 में जनवरी से 25 जून तक 135 से ज्यादा विवेचना पूरी हो चुकी हैं जो यू पी सी आई डी का एक रिकॉर्ड है , इतनी विवेचनाएं बीते वर्षों में भी साल भर में नहीं हुई हैं. इस वर्ष 2025 में इस विभाग ने गंभीर मामलों के 9 दोषी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, यह भी एक रिकॉर्ड है, जबकि वर्ष 2024 में कुल 4 दोषियों की गिरफ्तारी हुई थी.
सीआईडी इंस्पेक्टर शिव कुमार शर्मा ने अपनी टीम के साथ बैंक में 92 लाख से ज्यादा रुपए गबन करने वाले 5 दोषियों को विवेचना पूरी करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
इस पूरे मामले में फतेहपुर सहकारी बैंक में गबन/ घोटाले के मामले में वर्ष 24 सितंबर 2019 को फतेहपुर जनपद के चांदपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 132/2019 , धारा 419,420, 406आई पी सी के तहत तत्कालीन बैंक मैनेजर विजय कुमार सिंह सहित कुल 8 बैंककर्मियों के खिलाफ पंजीकृत हुआ था.
इस मामले की जांच पहले जिला पुलिस ने की और बाद में यह मामला यूपी अपराध अनुसंधान विभाग को स्थानांतरित हो गया. इस पूरे मामले की जांच लखनऊ सेक्टर ने की जिसमें इंस्पेक्टर शिव कुमार शर्मा ने अपनी टीम के साथ विवेचना में पाया कि फतेहपुर सहकारी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विजय कुमार सिंह ने बैंक के कैशियर, चंद्रशेखर शुक्ला बैंक कर्मी,जगदीश बैंक अधिकारी,बद्री सिंह बैंक अधिकारी आदि ने बैंक के खाताधारकों की एफ डी में 92लाख 63 हजार 97 रुपए की धोखाधड़ी/गबन, वित्तीय अनियमितता, संदिग्ध लेन देन के दोषी पाए गए थे. इन पांचों पूर्व बैंककर्मियों को इंस्पेक्टर शिवकुमार और उनकी टीम के कर्मियों मुख्य आरक्षी शमीम व मुख्य आरक्षी नसीम ने कड़ी मेहनत कर गिरफ्तार किया.
सीआईडी के महानिदेशक दिपेश जुनेजा ने इस टीम को उसके अच्छे कार्य को देखते हुए अपने स्तर से इनाम देने की घोषणा की है. इस पूरे मामले में कुल 8 बैंक कर्मी दोषी थे जिनमें पूर्व बैंक कर्मी बुद्धि कुमार की गिरफ्तारी होना बाकी है, उसे पकड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है. पूर्व बैंक कर्मी विजय कुमार और रामनजर की मृत्यु हो चुकी है.
उत्तर प्रदेश पुलिस के सीआईडी विभाग के महानिदेशक दिपेश जुनेजा लगातार काफी जटिल मामलों की विवेचनाएं गहनता से करवा रहे हैं जिससे पीड़ितों को न्याय जल्दी मिल सके और अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके. इसी क्रम में अब सीआईडी द्वारा दोषियों की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां भी एक अच्छा कदम माना जा रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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