एजुकेशन

बिहार में शिक्षक बहाली: “46 हजार नहीं, पूरे 1.20 लाख पदों पर आए TRE-4”, छात्र नेता सौरभ कुमार का सरकार को अल्टीमेटम

Bihar News: बिहार में शिक्षक बहाली (TRE-4) को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक सरगर्मी बढ़ गई है. छात्र नेता सौरभ कुमार ने साफ कर दिया है कि अभ्यर्थी सरकार के 46 हजार पदों के प्रस्ताव को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे. छात्रों की मांग है कि सरकार पूरे 1.20 लाख पदों पर बहाली की अधिसूचना जारी करे.

सीएम सम्राट चौधरी के आश्वासन पर उठे सवाल

हाल ही में बिहार सरकार द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी शामिल हुए थे. इस बैठक में उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द पारदर्शी बहाली प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था.

छात्र नेता सौरभ कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बैठक के दौरान सम्राट चौधरी की बातों से ऐसा लगा था कि सरकार छात्रों की मांगों को लेकर बेहद गंभीर है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. सरकार के दावों और वादों में भारी अंतर दिख रहा है.”

8 मई का लाठीचार्ज और 10 दिन का अल्टीमेटम

मामला तब और बिगड़ गया जब बीती 8 मई को बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय की ओर बढ़ रहे छात्रों के शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. इस घटना से आक्रोशित छात्र संघ ने अब सरकार को आर-पार की लड़ाई की चेतावनी दी है.

छात्र नेता सौरभ कुमार की पहली और मुख्य शर्त है कि सरकार 46 हजार के बजाय पूरे 1.20 लाख पदों पर शिक्षक बहाली (TRE-4) का विज्ञापन और ऑफिशियल नोटिफिकेशन तुरंत जारी करे. दूसरी बड़ी मांग 8 मई को हुए लाठीचार्ज से जुड़ी है. छात्रों का कहना है कि शांतिपूर्ण मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी निर्दोष अभ्यर्थियों को सरकार बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करे.

‘2 साल से लटकी है बहाली, अभ्यर्थी हो रहे ओवरएज’

छात्रों का आरोप है कि चौथे चरण की यह बहाली पिछले दो सालों से अधर में लटकी हुई है. पूर्व में तय शेड्यूल के मुताबिक, BPSC को 19 अप्रैल को ही इसका नोटिफिकेशन जारी करना था और 25 अप्रैल से आवेदन फॉर्म भरे जाने थे. लेकिन तय तारीख बीत जाने के बावजूद आयोग और सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इस लेटलतीफी की वजह से हजारों शिक्षक अभ्यर्थी परीक्षा में बैठने की उम्र सीमा पार कर रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है.

ये भी पढे़ं- CBSE ने मानी गलती! सोशल मीडिया पर उठाई आवाज का दिखा असर; वेदांत को CBSE ने दी सही आंसर शीट

मांगें पूरी न होने पर ‘आमरण अनशन’ की चेतावनी

छात्र नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि अगर अगले 10 दिनों के भीतर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो 21 मई से पटना के गर्दनीबाग में हजारों अभ्यर्थी आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे.

इसके साथ ही, आंदोलन को और धार देने के लिए 1 जून को एक बड़ी समीक्षा बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में राज्यभर के छात्र प्रतिनिधि शामिल होंगे, जहां सरकार के खिलाफ एक बहुत बड़े और निर्णायक आंदोलन की रणनीति का एलान किया जा सकता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

‘जाणता राजा’ का चौथा दिन: राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल और पतंजलि CMD आचार्य बालकृष्ण समेत ये हस्तियां आईं आज

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

2 minutes ago

12वें BRICS संसदीय मंच की मेजबानी करेगा भारत, नई दिल्ली में जुटेगी दुनिया; जानें पीएम मोदी और ओम बिरला का प्लान

नई दिल्ली में 26-27 अक्टूबर को 12वां ब्रिक्स संसदीय मंच आयोजित हो रहा है. पीएम…

4 minutes ago

पहले मां, अब पीएम मोदी के बाप पर उतरी कांग्रेस, सुनें मल्लिकार्जुन खड़गे की मावालियों जैसी भाषा

Mallikarjun Kharge On PM Modi Father: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में पीएम मोदी…

28 minutes ago

‘जाणता राजा’ का महामंचन: हजारों दर्शक…देशभर से हस्तियां जुटीं, देखिए वीडियो

उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के सनसिटी में ‘जाणता राजा’ के महामंचन को देखने हजारों लोग…

3 hours ago

मछुआरों को हथियार बना रहा है आतंकिस्तान? BSF ने पाकिस्तान की चाल की फेल

BSF Seized Pakistani Fishermen Boat: गुजरात के कच्छ में सर क्रीक इलाके से BSF ने…

3 hours ago