एजुकेशन

दिल्ली में सत्य निकेतन हादसे के बाद बड़ा फैसला, खाली सरकारी भवन बनेंगे छात्रों के लिए सुरक्षित हॉस्टल!

Satya Niketan Incident: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे के बाद छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उनके लिए बेहतर आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने छात्र आवास और सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त 18 सदस्यीय कमेटी के गठन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है. शिक्षा मंत्री आशिष सूद की अध्यक्षता वाली यह विशेष कमेटी दिल्लीभर में किराए के कमरों, पीजी और हॉस्टल्स की हकीकत खंगालेगी और यह देखेगी कि छात्रों की कुल मांग और उपलब्ध सुरक्षित आवासों के बीच कितना अंतर है.

ओवरक्राउडिंग पर कसेगा शिकंजा

इस नई कमेटी का मुख्य फोकस दिल्ली में छात्रों के रहने की स्थिति को सुरक्षित बनाना है. यह समिति खाली पड़ी DDA की संपत्तियों और अन्य अनुपयोगी सरकारी इमारतों का इस्तेमाल छात्र हॉस्टल या आवास के रूप में करने की संभावनाओं की बारीकी से जांच करेगी. इसके अलावा, आजकल छात्रों के बीच एक बड़ी समस्या बन चुके असुरक्षित पीजी, कम जगह में ज्यादा छात्रों के रहने और आग जैसी दुर्घटनाओं के खतरों से निपटने के लिए एक केंद्रीय डिजिटल निगरानी व्यवस्था बनाने का सुझाव भी यह कमेटी देगी.

कमेटी का गठन 7 सितंबर को हुई उस उच्च-स्तरीय बैठक के बाद किया गया है, जिसमें एलजी ने शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में एक मजबूत टीम बनाने के निर्देश दिए थे. इस 18 सदस्यीय समिति में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एमसीडी (MCD), एनडीएमसी (NDMC), डीडीए, दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और राजधानी के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों- दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (IPU), डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय और एनएसयूटी (NSUT) के कुलपतियों को शामिल किया गया है.

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आपातकालीन निकासी और सुरक्षा उपाय

कमेटी छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर चलाए जा रहे अवैध और जोखिम भरे पीजी पर नकेल कसने के लिए आपातकालीन निकासी और आपदा प्रबंधन के कड़े मानक तय करने की सिफारिश भी करेगी. इसके अलावा, हॉस्टल और पीजी संचालकों के लिए नियमित रूप से फायर और सेफ्टी मॉक ड्रिल कराना अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में तुरंत और सुरक्षित कदम उठाए जा सकें.

फिलहाल इस हाई-पावर कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी पहलुओं का अध्ययन करके आगामी 60 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत सिफारिशें सरकार को सौंपे.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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