एजुकेशन

NEET छात्रों के लिए काम की खबर! एमबीबीएस करने में कितना आएगा खर्च? जानें AIIMS और स्टेट कॉलेज की फीस का अंतर

NEET UG 2026 के पहले राउंड की काउंसलिंग इस समय जोरों पर है और छात्रों के पास 13 अगस्त तक चॉइस फिलिंग और लॉकिंग का मौका है. हर मेडिकल स्टूडेंट का सपना होता है कि उसे देश के किसी बेहतरीन कॉलेज में दाखिला मिल जाए, लेकिन एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होते ही सबसे बड़ा और अहम सवाल जो हर माता-पिता के जेहन में आता है वह है “आखिर एमबीबीएस करने में कुल कितना खर्च आएगा?”

प्राइवेट कॉलेजों और डीम्ड यूनिवर्सिटीज के भारी-भरकम बजट के बीच, सरकारी संस्थान ही छात्रों की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं. हालांकि क्या आप जानते हैं कि देश के शीर्ष संस्थान कहे जाने वाले AIIMS और अलग-अलग राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की फीस में भी जमीन-आसमान का फर्क होता है?

AIIMS में एमबीबीएस की फीस

अगर किसी छात्र का चयन एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) में हो जाता है तो समझ लीजिए कि पैसों की चिंता काफी हद तक खत्म हो जाती है. देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान होने के बावजूद एम्स की फीस सबसे कम फीस वाले कोर्सेज में गिनी जाती है.

केंद्र सरकार की फंडिंग की वजह से एम्स के विभिन्न परिसरों में पूरे 5.5 साल के एमबीबीएस कोर्स की बेसिक ट्यूशन फीस महज 6,000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये के आसपास ही सिमट जाती है. इसमें हॉस्टल, मेस, कॉशन मनी और दूसरे छोटे-मोटे चार्ज जोड़ भी दिए जाएं, तो भी कुल खर्च कुछ हजार रुपयों से ज्यादा नहीं बढ़ता. यही वजह है कि हर मेडिकल छात्र की पहली पसंद एम्स होती है.

राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों का हाल

अब बात करते हैं स्टेट गवर्मेंट मेडिकल कॉलेजों की. यहां का फीस स्ट्रक्चर एम्स के मुकाबले थोड़ा अलग और अधिक होता है क्योंकि हर राज्य अपनी शिक्षा नीति के तहत फीस तय करता है.

कई राज्यों में सरकारी कॉलेजों की सालाना ट्यूशन फीस कुछ हजार रुपये से शुरू होकर 50,000 रुपये या उससे ऊपर तक चली जाती है. यदि कुल 5.5 साल के कोर्स की बात करें तो ट्यूशन और संस्थागत चार्जेस मिलाकर यह खर्च 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है. इसलिए काउंसलिंग के दौरान सिर्फ ‘सरकारी कॉलेज’ का ठप्पा देखकर अंदाजा न लगाएं, बल्कि जिस कॉलेज में सीट मिल रही हो उसका आधिकारिक 2026 का फीस स्ट्रक्चर जरूर चेक कर लें.

ये भी पढ़ें- कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 100 करोड़ का ‘मर्सी चांस’ घोटाला.. INSO ने खोला मोर्चा, दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज का बजट

अगर तुलना की जाए तो प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों और डीम्ड यूनिवर्सिटीज में हालात बिल्कुल जुदा हैं. एक तरफ प्राइवेट कॉलेज हैं, यहाँ एमबीबीएस की कुल पढ़ाई का खर्च 50 लाख से 1 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकता है. वहीं दूसरी तरफ डीम्ड यूनिवर्सिटी के संस्थानों में मैनेजमेंट और एनआरआई कोटे की सीटों पर पढ़ाई का बजट आसानी से 70 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

Recent Posts

Explainer: आलू-टमाटर सस्ते, प्याज 108% महंगा; आंकड़ों और बाजार के बीच इतना फर्क क्यों?

Onion Price Inflation: प्याज की महंगाई दर 108.09% पहुंच गई है लेकिन दिलचस्प बात यह…

13 minutes ago

‘देश को क्यों खराब कर रहा है भाई?’, दिल्ली एयरपोर्ट पर CJP एक्टिविस्ट का विरोध, वायरल वीडियो में लोगों ने पूछे सवाल

CJP एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके का दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया…

48 minutes ago

गंभीर के बर्थडे पर बिगड़ा खेल, शे होप के शतक और कीमो पॉल के पंजे से भारत की हार, 2-2 से बराबर हुई टी20 सीरीज

IND vs WI: हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को…

1 hour ago

एस जयशंकर-UAE विदेश मंत्री की अहम मुलाकात, बदलती दुनिया पर हुई चर्चा; वैश्विक संस्थाओं में सुधार पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद…

2 hours ago

अंकिता भंडारी केस पर सियासत तेज, इंडिया गेट से माता-पिता समेत कई लोग हिरासत में; कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर…

2 hours ago