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सरकारी नौकरी भी, विदेश यात्रा भी! जानिए किन नौकरियों में मिलती है सबसे ज्यादा फॉरेन पोस्टिंग

Government Jobs: ज्यादातर लोग सरकारी नौकरी को सिर्फ सैलरी और स्टेबिलिटी से जोड़कर देखते हैं. लेकिन अगर आप अपने करियर के साथ-साथ दुनिया घूमने और विदेशों में काम करने का जुनून रखते हैं, तो भारत सरकार में ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं. इनमें सबसे मुख्य नाम भारतीय विदेश सेवा (IFS) का आता है, जहां अधिकारियों की पोस्टिंग दुनिया के अलग-अलग देशों में होती है.

अगर आपका सपना रेगुलर और लंबे समय तक विदेश में रहने का है, तो IFS की नौकरी सबसे बेहतर विकल्प है. इसके अलावा रक्षा सेवाओं और विदेश मंत्रालय के विभिन्न पदों के जरिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और विदेश यात्रा करने के कई अवसर मिलते हैं.

IFS (भारतीय विदेश सेवा): विदेश में काम करने का सबसे बड़ा मौका

विदेश जाने के लिहाज से IFS (Indian Foreign Service) सबसे लोकप्रिय और पहली पसंद है. UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए चुने जाने वाले IFS अधिकारियों की नियुक्ति दुनिया भर में स्थित भारतीय दूतावासों (Embassies), हाई कमीशंस और कॉन्सुलेट्स में की जाती है. एक IFS अधिकारी अपने पूरे करियर में कई अलग-अलग देशों में सेवाएं देता है.

IFS अधिकारियों का मुख्य रोल और मिलने वाले पर्क्स

IFS अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी भारत और अन्य देशों के बीच कूटनीतिक संबंध मजबूत करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना और विदेशों में रह रहे भारतीयों की मदद करना होती है. इस नौकरी में शानदार सैलरी के साथ-साथ आकर्षक विदेशी भत्ते (Foreign Allowances) और विभिन्न संस्कृतियों व राजनीति को करीब से समझने का मौका मिलता है.

विदेश मंत्रालय (MEA) के अन्य पद

भारतीय विदेश सेवा के अलावा विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के अंतर्गत आने वाले अन्य प्रशासनिक व तकनीकी पदों पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिलता है. हालांकि, IFS कैडर की तुलना में इन पदों पर रेगुलर फॉरेन ट्रांसफर थोड़े सीमित हो सकते हैं.

रक्षा सेवाएं (Armed Forces): मिलिट्री एक्सरसाइज और मिशन

भारतीय सेना, नौसेना (Navy) और वायुसेना (Air Force) के अधिकारियों को भी विदेश जाने के कई मौके मिलते हैं. इन्हें विदेशी सैन्य अभ्यासों, संयुक्त ट्रेनिंग प्रोग्रामों, रक्षा सहयोग और UN पीसकीपिंग मिशनों के तहत दूसरे देशों में भेजा जाता है. हालांकि, इनमें पोस्टिंग की अवधि आमतौर पर छोटी होती है. कुछ प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़ी केंद्रीय एजेंसियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी विदेशी प्रोजेक्ट्स और बिजनेस ट्रैवल के सिलसिले में विदेश यात्रा करने का अवसर प्राप्त होता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Shubhra Rai

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