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NET vs SET: असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए कौन सी परीक्षा है बेहतर? जानें योग्यता, फायदे और बड़े अंतर

NET vs SET Exam Difference: अगर आप भी टीचिंग की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपने NET और SET के बारे में जरूर सुना होगा. अक्सर छात्र इन दोनों परीक्षाओं को लेकर काफी उलझन में रहते हैं. उन्हें लगता है कि दोनों तो टीचिंग के लिए ही हैं, फिर फर्क क्या है?

आज हम आपकी इसी कन्फ्यूजन को दूर करेंगे. NET नेशनल लेवल की जंग है, तो SET आपके अपने राज्य की परीक्षा. आइए विस्तार से समझते हैं कि आपके करियर के लिए कौन सा रास्ता बेहतर है.

NET और SET में क्या है अंतर?

सबसे पहले बात करते हैं UGC NET की. इसे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आयोजित करती है. अगर आप इसे क्वालिफाई कर लेते हैं, तो आपके लिए पूरे देश के दरवाजे खुल जाते हैं. आप दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाएं या केरल के किसी कॉलेज में, आपकी डिग्री हर जगह मान्य होगी.

वहीं, SET यानी स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट राज्य सरकारों द्वारा आयोजित किया जाता है. इसे पास करने के बाद आप सिर्फ उसी विशेष राज्य के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के योग्य होते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आपने ‘GSET’ पास किया है, तो आप गुजरात में ही जॉब पा सकेंगे.

जरूरी अंतर जो आपको जानने चाहिए

NET परीक्षा सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर बनाने के लिए नहीं होती, बल्कि इसके जरिए आप Junior Research Fellowship (JRF) भी हासिल कर सकते हैं. यानी रिसर्च के दौरान आपको अच्छी-खासी स्कॉलरशिप भी मिलेगी. वहीं SET में आमतौर पर सिर्फ असिस्टेंट प्रोफेसर की योग्यता मिलती है, JRF की सुविधा यहाँ नहीं होती.

परीक्षा का समय: NET साल में दो बार (जून और दिसंबर) होता है, जिससे छात्रों को तैयारी के ज्यादा मौके मिलते हैं. इसके उलट SET साल में सिर्फ एक बार होता है और कई राज्यों में तो यह दो-तीन साल में एक बार ही निकलता है.

SET परीक्षा का एक बड़ा फायदा यह है कि आप इसे अपनी स्थानीय भाषा में दे सकते हैं. राज्यों ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि छात्र अपनी मातृभाषा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें. जबकि NET मुख्य रूप से हिंदी और अंग्रेजी पर केंद्रित रहता है.
जानकारी के लिए बता दें कि दोनों ही परीक्षाओं के लिए आपके पास मास्टर डिग्री (MA/MSc/MCom आदि) होना जरूरी है, साथ ही कुछ तय न्यूनतम अंक (जैसे जनरल कैटेगरी के लिए 55%) भी अनिवार्य हैं.

ये भी पढ़ें- नीट-पीजी 2025-26 के लिए क्वालिफाइंग कट-ऑफ को लेकर जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी

किसे चुनें?

अगर आपकी तैयारी बेहतरीन है और आप देशभर की सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में काम करना चाहते हैं, तो NET आपका लक्ष्य होना चाहिए. लेकिन अगर आप अपने ही राज्य में रहना चाहते हैं और अपनी भाषा में परीक्षा देना पसंद करते हैं, तो SET एक शानदार विकल्प है.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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