चुनाव

बंगाल वोटिंग से ठीक पहले चुनाव आयोग का चला ‘हंटर’! जानें यूपी के ‘सिंघम’ IPS अजय पाल शर्मा से पंगा लेना किसे पड़ा भारी?

Bengal Elections 2026 Update: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर हो रही वोटिंग के बीच चुनाव आयोग ने प्रशासनिक खेमे में बड़ी खलबली मचा दी है. दरअसल फाल्टा विधानसभा सीट पर यूपी के ‘सिंघम’ आईपीएस अजय पाल शर्मा के साथ सहयोग न करने और सुरक्षा धांधली (IPS Ajay Pal Sharma Controversy) के आरोपों के बाद आयोग ने फाल्टा के जॉइंट बीडीओ सौरव हाजरा को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है. हाजरा पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक के काम में बाधा डाली और संवेदनशील सूचनाएं साझा करने में आनाकानी की.

राम्या भट्टाचार्य संभालेंगी कमान(Bengal Elections Today)

मंगलवार देर रात जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, सौरव हाजरा को फौरन पुरुलिया मुख्यालय रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है. वे फाल्टा के सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे. उनकी जगह अब स्पेशल ड्यूटी पर तैनात अधिकारी राम्या भट्टाचार्य को फाल्टा की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. आयोग ने यह कदम मतदान से ठीक पहले निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है.

‘सिंघम’ के रास्ते का रोड़ा बने थे अधिकारी?(IPS Ajay Pal Sharma Controversy)

विवाद (Bengal Elections: TMC BJP Clash) की जड़ तब शुरू हुई जब आईपीएस अजय पाल शर्मा टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के घर की तलाश कर रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी अजय पाल शर्मा को सही जानकारी देने के बजाय गुमराह कर रहे थे. जब शर्मा जहांगीर के घर पहुँचे, तो वहां सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं. इसी ‘सहयोग न करने’ वाले रवैये की रिपोर्ट दिल्ली चुनाव आयोग तक पहुँची, जिसके बाद गाज सौरव हाजरा पर गिरी.

जहांगीर खान के घर पर ‘धमकी’ वाला वीडियो बना आधार

सोमवार रात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा जहांगीर खान के घर जाकर उनके परिवार को चेतावनी दे रहे थे. उन्होंने साफ कहा था कि “मतदाताओं को डराया तो अच्छे से खबर लेंगे. इसके बाद टीएमसी समर्थकों ने शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उन पर कार्यकर्ताओं को डराने का आरोप लगाया. इस राजनीतिक तनाव के बीच आयोग ने प्रशासनिक फेरबदल कर कड़ा संदेश दिया है.

142 सीटों पर महा-मुकाबला आज

आज (29 अप्रैल) पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसमें कोलकाता समेत छह महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं. मैदान में कुल 1,448 उम्मीदवार हैं और 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता उनके भविष्य का फैसला करेंगे. फाल्टा जैसी संवेदनशील सीटों पर आयोग की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही या स्थानीय प्रशासन की ‘पक्षपातपूर्ण’ भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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