चुनाव

इसबार ब्राह्मण विहीन होगी तमिलनाडु की विधानसभा, किसी बड़ी पार्टी ने नहीं दिया टिकट

Tamil Nadu Elections 2026: तमिलनाडु की सियासत अपने निर्णायक मोड़ पर खड़ी है. विधानसभा चुनाव में अब महज 17 दिन शेष हैं, 23 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी और 4 मई को जनता अपना फैसला सुनाएगी. आज नामांकन प्रक्रिया का अंतिम दिन था. इसी के साथ ही चुनावी तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है, लेकिन इस बार की सबसे दिलचस्प बात यह है कि किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने ब्राह्मण समुदाय से एक भी उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है. यहां तक कि AIADMK ने भी करीब 35 वर्षों में पहली बार इस परंपरा को तोड़ते हुए किसी ब्राह्मण चेहरे को मैदान में नहीं उतारा.

यहीं नहीं इस बार अन्य पार्टियों ने भी किसी भी किसी ब्राह्मण चेहरे को टिकट नहीं दिया है. तमिलनाडु में AIDMK की सहयोगी BJP को भले ही तमिलनाडु ब्राह्मण एसोसिएशन समर्थन कर रही है, लेकिन यहां भी उन्हें एक भी टिकट नहीं मिल सका. भाजपा को आवंटित सभी 27 सीटों में किसी भी ब्राह्मण को जगह नहीं मिली.

तमिलनाडु में 3 प्रतिशत ब्राह्मण

तमिलनाडु की राजनीति में सामाजिक समीकरण हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं. राज्य की कुल आबादी में लगभग 3 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला ब्राह्मण समुदाय कभी सत्ता के शीर्ष पर भी रहा, जिसका सबसे बड़ा उदाहरण पूर्व मुख्यमंत्री J. Jayalalithaa थीं, जो स्वयं ब्राह्मण पृष्ठभूमि से आती थीं.

लेकिन उनके निधन के करीब एक दशक बाद, राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है. साल 2021 के विधानसभा चुनाव में AIADMK ने औपचारिक रूप से सिर्फ एक ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट दिया था. हालांकि, इस बार के चुनाव में वह भी समाप्त हो गई है.

विजय की पार्टी ने उतारे 2 उम्मीदवार

अभिनेता से नेता बने विजय की Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) ने दो ब्राह्मण चेहरों को टिकट दिया है. इसके अलावा तमिल राष्ट्रवादी सीमान की NTK ने भी ब्राह्मण चेहरों पर भरोसा जताया है. NTK ने कुल 6 उम्मीदवारों को टिकट दिया है. दोनों पार्टियों ने मयलापुर और श्रीरंगम निर्वाचन क्षेत्र से ब्राह्मण उम्मीदवारों को टिकट दिया है. इन क्षेत्रों में ब्राह्मणों की आबादी निर्णायक है.

ये भी पढ़ें- “चिट्ठी फाड़ी और राघव चड्ढा के मुंह पर फेंक दी” कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी का AAP और राघव के झगड़े में बम धमाका

तमिलनाडु की राजनीति में घटती ब्राह्मणों की संख्या को लेकर कई राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं. खासतौर से AIDMK में ब्राह्मणों की स्थिति पर लोगों में काफी रोष है. लोगों ने AIDMK पर ब्राह्मण समुदाय के साथ अन्याय का आरोप लगाया है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

इमरान खान को देश छोड़ना पड़ेगा या मिलेगी राहत? बॉम्बे हाईकोर्ट में कल होगा बड़ा फैसला

इमरान खान को FRRO द्वारा भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट…

8 hours ago

चीन-पाक सीमा पर किलेबंदी! 2.12 लाख करोड़ रुपये की डिफेंस डील को मंजूरी

Indian Defence Deals: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में भारतीय…

8 hours ago

‘जाणता राजा’ का 5वां दिन: गाजियाबाद में गूंजी महाकवि भूषण की पंक्तियां- ‘काशी कर्बला होती मथुरा मदीना होती, शिवाजी न होते तो…’

गाजियाबाद के सनसिटी में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य 'जाणता राजा' के…

9 hours ago