चुनाव

बंगाल में BJP की सरकार बनी तो कौन होगा मुख्यमंत्री? सुवेंदु अधिकारी के अलावा जानें टॉप 2 दावेदार

West Bengal Next CM: 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के अंतिम नतीजे 4 मई को आने हैं, लेकिन एग्जिट पोल्स ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है. अधिकांश एग्जिट पोल में बीजेपी की सरकार बनती हुई नजर आ रही है, जिससे इस बात की जोरदार चर्चा शुरू हो गई है कि अगर टीएमसी (TMC) सत्ता से बाहर होती है, तो बंगाल का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? बीजेपी इस चुनाव में बिना किसी ‘सीएम फेस’ के मैदान में उतरी है. लेकिन जैसे-जैसे सत्ता की सुगबुगाहट तेज हो रही है, मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम उभरकर सामने आ रहे हैं.

अमित शाह का बड़ा हिंट (West Bengal Elections 2026)

कोलकाता में चुनाव प्रचार और संकल्प पत्र जारी करने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया था कि बीजेपी का मुख्यमंत्री कोई बाहरी नहीं होगा. उन्होंने कहा था कि-

‘मैं दीदी को बताना चाहता हूं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री बंगाल में ही जन्म लेने वाला, बंगाली मीडियम में पढ़ा-लिखा और बंगाली बोलने वाला होगा.’

अमित शाह ने यह भी तंज कसा कि बीजेपी वंशवाद में विश्वास नहीं करती, इसलिए दीदी के बाद भतीजा मुख्यमंत्री नहीं बनेगा, बल्कि बीजेपी का कोई कार्यकर्ता बनेगा. इससे यह तो तय है कि बीजेपी सत्ता में आने के बाद बंग्ला मूल के नेता को ही मुख्यमंत्री बनाएगी.

सुवेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार (West Bengal Suvendu Adhikari)

मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी का नाम है. ममता बनर्जी के पूर्व सहयोगी सुवेंदु फिलहाल विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं. 2021 में नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराने का उनका अनुभव और संगठन पर मजबूत पकड़ उन्हें सबसे बड़ा चेहरा बनाती है.

सुवेंदु का जन्म पश्चिम बंगाल के पुरबा मेदिनीपुर में हुआ है, जो शाह की ‘बंगाल में जन्म लेने वाले’ की शर्त को पूरा करता है. हालांकि, जब उनसे मुख्यमंत्री पद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. पार्टी नेतृत्व जिसे चुनेगा, वही बनेगा. मैं सिर्फ पार्टी का काम कर रहा हूं.

दिलीप घोष आक्रामक नेता (West Bengal Dilip Ghosh)

रेस में दूसरा बड़ा नाम बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष का है. घोष के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए ही बंगाल में बीजेपी का कैडर और संगठन सबसे ज्यादा मजबूत हुआ था. वे आरएसएस (RSS) की पृष्ठभूमि से आते हैं और उनकी आक्रामक शैली उन्हें टीएमसी के खिलाफ एक मजबूत जमीनी नेता बनाती है. अगर पार्टी किसी पुराने और ठेठ वैचारिक चेहरे पर दांव लगाती है, तो दिलीप घोष सबसे आगे होंगे.

समिक भट्टाचार्य संगठन का चेहरा (West Bengal Samik Bhattacharya)

वर्तमान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य भी इस लिस्ट में शामिल हैं. समिक संगठन को संभालने और मीडिया में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने ही स्पष्ट किया है कि पार्टी 4 मई के नतीजों के बाद ही हाईकमान के जरिए सीएम तय करेगी.

समिक भट्टाचार्य का जन्म 1963 में असम के मालीगांव में हुआ था. हालांकि वे लंबे समय से बंगाल में हैं, लेकिन अमित शाह के “बंगाल में ही जन्म लेने वाले” बयान के बाद उनके नाम पर थोड़ा संशय जरूर पैदा होता है.

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क्या होगा बीजेपी का अगला कदम? (West Bengal Election Result)

समिक भट्टाचार्य ने साफ कहा है कि 4 मई को दीदी की विदाई तय है. अगर एग्जिट पोल्स के नतीजे हकीकत में बदलते हैं, तो अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी और अमित शाह की अध्यक्षता में बीजेपी संसदीय बोर्ड द्वारा लिया जाएगा. क्या पार्टी टीएमसी से आए सुवेंदु के अनुभव पर भरोसा जताएगी, या दिलीप घोष जैसे आरएसएस के पुराने कैडर को इनाम देगी? या फिर मध्य प्रदेश और राजस्थान की तरह कोई ‘सरप्राइज चेहरा’ सामने आएगा? यह 4 मई के बाद ही साफ होगा.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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