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Hanuman Ansh: नीम करौली बाबा पर बनी पहली फीचर फिल्म की लंदन में स्पेशल स्क्रीनिंग, 21 वर्षीया अनुप्रिया नागर का दिखा जलवा

Hanuman Ansh Film: वैश्विक स्तर पर भारत की उभरती रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है. देश की सबसे युवा फिल्म निर्माताओं में से एक, 21 वर्षीया अनुप्रिया नागर ने भारत के आध्यात्मिक सार और सनातन संस्कृति को लंदन तक पहुंचाया है. उनकी फिल्‍म ‘हनुमान अंश’, जो कि महान संत श्री नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है, उस फिल्‍म की स्‍पेशल स्क्रीनिंग वेम्बली में 13 जून, 2026 रखी गई.

‘हनुमान अंश’ नीम करौली बाबा पर बनाई गई पहली फीचर फिल्म है, इसी साल फरवरी महीने में इसके पोस्टर का कैंची धाम और वृंदावन में मौजूद नीम करौली बाबा की समाधि पर अनावरण किया गया था. अब ये रिलीज होने जा रही है.


हाउस ऑफ लॉर्ड्स में संबोधन के बाद वेम्बली में स्क्रीनिंग

रागिनी सोना, नम्रता सिंह और युवा निर्माता अनुप्रिया नागर द्वारा निर्मित यह फिल्म भक्ति, विश्वास और शाश्वत मानवीय मूल्यों के अपने मर्मसर्शी चित्रण के लिए लगातार वैश्विक सुर्खियां बटोर रही है. विशाल चतुर्वेदी द्वारा लिखित और निर्देशित ‘हनुमान अंश’ एक विशिष्ट सिनेमाई अनुभव प्रदान करती है, जो अध्यात्म, संगीत और पारिवारिक मनोरंजन का एक अनूठा संगम है. लंदन में यह सफल स्क्रीनिंग फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर द्वारा ब्रिटिश संसद के उच्च सदन ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ को संबोधित करने के ठीक एक दिन बाद आयोजित हुई, जो इस फिल्म की निरंतर बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय साख में एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ती है.

कैंची धाम स्थापना दिवस से ठीक पहले जुटीं वैश्विक विभूतियां

लंदन में इस विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन ‘गो धार्मिक’ (Go Dharmic) टीम के सहयोग से किया गया. खास बात यह रही कि यह आयोजन श्री नीम करौली बाबा से जुड़े उत्तराखंड के पावन आश्रम ‘कैंची धाम’ के स्थापना दिवस समारोह से ठीक दो दिन पहले संपन्न हुआ. इससे पहले, इस यात्रा के शुरुआती चरण में फिल्म के अनूठे पोस्टर का अनावरण श्रीकृष्ण की पावन नगरी वृंदावन में किया गया था, जहां श्रद्धालुओं से इसे अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली थी.

लंदन के इस गरिमापूर्ण समारोह में लगभग 350-400 प्रबुद्ध दर्शक उपस्थित थे, जिनमें कई अंतर्राष्ट्रीय गणमान्य विभूतियां शामिल थीं. इनमें ‘गो धार्मिक’ के संस्थापक हनुमान दास, नीम करौली बाबा के अनन्य भक्त तारा और बाली (जिन्होंने पूजनीय सिद्धिमा के साथ लंबा समय व्यतीत किया था) प्रमुख रहे. इनके अतिरिक्त, यूनाइटेड किंगडम के अग्रणी कला संग्रहकर्ताओं में से एक फैयाज बराकत, काउंसलर हितेश कारिया, ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अधिवक्ता एड्रियन नाइट और वैश्विक उद्यमी व कूटनीतिक विश्लेषक डिनिस गार्डा भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे.

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महात्मा गांधी के प्रसंग से हुई फिल्म के मुख्य सीक्वेंस की तुलना

स्‍पेशल स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों ने इस स्क्रीनिंग को एक अत्यंत भावुक और अंतरात्मा को झकझोर देने वाला अनुभव बताया. बाबा की शिक्षाओं और उनके अलौकिक चमत्कारों के जीवंत चित्रण ने हॉल में मौजूद जनसमूह को इस कदर भाव-विभोर कर दिया कि कई विदेशी दर्शकों की आंखें नम हो गईं. कई अंतर्राष्ट्रीय आगंतुकों ने ‘हनुमान अंश’ के एक मुख्य ट्रेन अनुक्रम (सीक्वेंस) और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी प्रसिद्ध ट्रेन घटना के बीच अद्भुत समानताएं रेखांकित कीं. उन्होंने आध्यात्मिक कहानियों को इतने प्रासंगिक और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की फिल्म की क्षमता की भूरि-भूरि प्रशंसा की.

फिल्मकार सत्यजीत रे की कलात्मक संवेदनाओं की दिखी झलक

कुछ प्रबुद्ध अतिथियों ने तो इस फिल्म में भारत के महान फिल्मकार सत्यजीत रे की कलात्मक संवेदनाओं की झलक तक महसूस की. उन्होंने फिल्म की भावनात्मक गहराई, सादगी और चरित्र-प्रधान (character-driven) पटकथा शैली को इसका मुख्य आधार बताया. दर्शकों ने ‘हनुमान अंश’ को एक दुर्लभ “विशुद्ध पारिवारिक मनोरंजन” के रूप में परिभाषित किया. दर्शकों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आज के दौर में ऐसी फिल्में अत्यंत दुर्लभ हो गई हैं जो बच्चों, माता-पिता और दादा-दादी को एक साथ बैठकर सिनेमा देखने का साझा और गरिमापूर्ण अनुभव प्रदान कर सकें.

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नीम करौली बाबा के दिव्य स्वरूप में छा गए अभिनेता शोभिनव

दर्शकों ने फिल्म में नीम करौली बाबा की मुख्य भूमिका निभाने वाले अभिनेता शोभिनव के अभिनय को भी विशेष रूप से सराहा. उनके सहज, आनंदमयी और शांत मुखमुद्रा की प्रशंसा करते हुए दर्शकों ने कहा कि उनकी मंद मुस्कान और सौम्य उपस्थिति ने पर्दे पर बाबा के आध्यात्मिक स्वरूप को साक्षात जीवंत कर दिया है. इसके साथ ही साधु तिवारी द्वारा संगीतबद्ध किया गया फिल्म का दिव्य संगीत इस शाम का मुख्य आकर्षण रहा.

स्क्रीनिंग के उपरांत पारंपरिक भंडारे और एक ऊर्जावान भजन-जामिंग सत्र का आयोजन हुआ, जहां उपस्थित जनसमूह ने फिल्म के सबसे लोकप्रिय भजनों में से एक, “हे खरारी” पर पूरे उत्साह के साथ सुर में सुर मिलाया. लंदन में फिल्म को मिला ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि भारत की आध्यात्मिक परंपराओं से उपजी कहानियां भौगोलिक सीमाओं को लांघकर वैश्विक मानवता को प्रभावित करने की अद्भुत क्षमता रखती हैं.

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Bharat Express Desk

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