Screenshot of Viral Video (PIC CREDIT: X)
सोशल मीडिया पर नगीना से सांसद और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वह अस्पताल के बेड पर लेटे नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यौन शोषण का आरोप लगाने वाली डॉ. रोहिणी घावरी के भारत लौटते ही चंद्रशेखर की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. कुछ यूजर्स तो यहां तक दावा कर रहे हैं कि उन पर हमला हुआ है.
दरअसल, सोशल मीडिया पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद की तबीयत बिगड़ने का दावा किया जा रहा है. यह दावा ऐसे समय पर किया गया है जब उनपर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला डॉक्टर भारत लौटी है. लेकिन असल में ऐसा नहीं है.
इस दावे की जब जांच की गई तो पता चला की सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो पुराना है. जांच में पता चली की यह हाल फिलहाल का नहीं, बल्कि मार्च 2019 का यानी करीब सात साल पुराना है.
बता दें कि उस समय आचार संहिता उल्लंघन के मामले में देवबंद में हिरासत में लिए जाने के बाद चंद्रशेखर की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
मैं कमल वालिया राष्ट्रीय महासचिव भीम आर्मी ट्वीट कर रहा हूँ भाई की हिरासत में तबियत बिगड़ गई है उनको पुलिस द्वारा आनंद हॉस्पिटल मेरठ ले जाया जा रहा है सभी साथी पहुंचे #HumSabAazadHai #BahujanHunkarRally pic.twitter.com/sDrd5XLoaU
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) March 12, 2019
वहीं, 13 मार्च 2019 को यह वीडियो डिजिटल मीडिया पर शेयर किया गया था. खुद चंद्रशेखर आजाद के ऑफिशियल एक्स हैंडल से भी 12 मार्च 2019 को इसकी जानकारी दी गई थी.
दरअसल, इंदौर की रहने वाली डॉ. रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था. स्विट्जरलैंड से पढ़ाई पूरी कर भारत लौटने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं.
इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर सवर्ण आर्मी से जुड़े कुछ यूजर्स ने 2019 के इस पुराने वीडियो को रोहिणी घावरी के भारत लौटने से जोड़कर शेयर करना शुरू कर दिया.
इस जांच से यह साफ है कि भीम आर्मी चीफ स्वास्थ्य है और अस्पताल में भर्ती होने का वीडियो पुराना है. साथ ही यह भी कि इसका डॉ. रोहिणी घावरी के भारत लौटने या किसी हालिया घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है. इसलिए सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तत्व पर तब तक भरोसा न करें, जब तक उसकी आधिकारिक पुष्टि न हुई हो.
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-भारत एक्सप्रेस
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