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क्या सच में पश्चिम बंगाल में BSF कमांडर के घर से बरामद किए 96 करोड़ की नकदी, जानें वायरल वीडियो का सच

पश्चिम बंगाल के आगामी चुनावों को लेकर जहां एक ओर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है. वहीं दूसरी ओर एसआईआर, पश्चिम बंगाल की तत्कालीन सरकार और ईसीआई से जुड़े मुद्दे विवादों में बने हुए है. कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा की गई अपील वाला मामला सुर्खियों में बना हुआ है. इसी बीच सोशल मीडिया पर दो वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में देखा जा सकता है कि बड़ी संख्या में नोट बरामद किए गए जिसके बारे में दो व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है. वहीं, इस वीडियो से ये भी दावा किया जा रहा है कि सीबीआई ने बंगाल में BSF कमांडर जिबू मैथ्यू के केरल स्थित घर से 96 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है. लेकिन इस वीडियो का सच कुछ और ही है. आइए जानते है सच.

क्या है वायरल वीडियो?

दरअसल, सोशल मीडिया के एक यूजर ने 24 फरवरी 2026 को दो वीडियो शेयर किया. इनके साथ यूजर ने ये भी लिखा कि बीएसएफ कमांडर जिबू मैथ्यू पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात थे.

सीबीआई को केरल के पथानामथिट्टा स्थित उनके घर से 96 करोड़ रुपये नकद और उनके सामान से 76 लाख रुपये मिले.  इस गद्दार को अवैध बांग्लादेशियों, रोहिंग्याओं और गाय तस्करों को देश बेचने से कोई फर्क नहीं पड़ा.

क्या है वीडियो की असल सच्चाई?

वायरल हो रहे वीडियो की जब हमने पड़ताल की, तो पता चला कि यह मामला अभी का नहीं बल्कि करीब 8 साल पुराना है.  रिवर्स इमेज सर्च और पुरानी खबरों को खंगालने पर हमें जनवरी 2018 की कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं.  असल में, यह वीडियो उत्तर प्रदेश के कानपुर का है.  17 जनवरी 2018 को कानपुर पुलिस ने एक बिल्डर आनंद खत्री के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से लगभग 97 करोड़ रुपये के बंद हो चुके पुराने नोट (500 और 1000 के) बरामद हुए थे.  वीडियो में दिख रहे नोटों के बिस्तर और वहां मौजूद शख्स (आनंद खत्री) की तस्वीरें उस वक्त के सभी बड़े न्यूज़ चैनलों और अखबारों में छपी थीं.

वहीं इसको लेकर एक सवाल ये भी उठता है कि इस पुराने वीडियो के साथ बीएसएफ कमांडर का नाम क्यों जोड़ा जा रहा है? दरअसल, साल 2018 में ही बीएसएफ कमांडेंट जिबू डी मैथ्यू से जुड़ा एक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था.  31 जनवरी 2018 को सीबीआई ने उन्हें केरल के अलप्पुझा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा था.  लेकिन उनके पास से 96 करोड़ नहीं, बल्कि 45 लाख रुपये बरामद हुए थे, जिसे उन्होंने अपने ट्रॉली बैग में कपड़ों के नीचे छिपा रखा था.  यह पैसा उन्हें भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी के बदले रिश्वत के रूप में मिला था.

इस जांच से ये बात साफ हो गई कि वायरल हो रहा वीडियो अभी का नहीं बल्कि 8 साल पहले एक बिल्डर के यहां के छापेमारी का है. आपको बता दें कि इस छापेमारी में लगभग 97 करोड़ के पुराने नोट बरामद किए गए है.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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