Fact Check
Fact check: जंतर-मंतर पर चला ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का आंदोलन भले ही थम गया हो, लेकिन सोशल मीडिया पर इससे जुड़े दावों का बाजार अब भी गर्म है. हाल ही में एक युवती की तस्वीर तेजी से शेयर की जा रही है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि यह सीजेपी प्रदर्शन के दौरान की फोटो है. पोस्ट में न केवल युवती के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं, बल्कि इसे एक खास सांप्रदायिक रंग देकर पूरे छात्र आंदोलन की नीयत पर उंगली उठाई जा रही है. लेकिन इस तस्वीर की सच्चाई कुछ और ही है.
दरअसल, सोशल मीडिया पर ‘Rajnish Kumar‘ नाम के एक यूजर द्वारा फैलाई जा रही इस तस्वीर की जब गूगल लेंस के जरिए रिवर्स सर्च की गई, तो इसकी परतें खुलती चली गईं.
जांच में पता चला कि यह तस्वीर सबसे पहले ‘विशाल सोनी’ नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल पर 23 जुलाई को पोस्ट की गई थी. इस अकाउंट पर साफ लिखा है कि यहाँ ‘प्रीमियम रियलिस्टिक एआई कंटेंट’ बनाया जाता है. विशाल सोनी ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि यह तस्वीर किसी असली विरोध प्रदर्शन की नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे एक एआई (AI) टूल की मदद से काल्पनिक रूप से बनाया था.
अगर आप इस फोटो को थोड़ा जूम करके ध्यान से देखेंगे, तो इसमें एआई से बनी तस्वीरों वाली आम गलतियां साफ नजर आ जाएंगी.
साइन बोर्ड और टेक्स्ट: बैकग्राउंड में लगे साइन बोर्ड्स पर लिखे अक्षर पूरी तरह से बिगड़े हुए और बेमतलब हैं.
स्लोगन और बाल: युवती के बाएं कंधे पर बाल असामान्य लग रहे हैं और पोस्टर्स पर लिखे स्लोगन्स में अंग्रेजी की ग्रामर स्पेलिंग गलत हैं.
इसके अलावा जब एडवांस एआई डिटेक्शन टूल्स से इस फोटो को स्कैन किया गया, तो सभी टूल्स ने 99 फीसदी पुष्टि की कि यह इमेज एआई से ही जेनरेट की गई है.
इस जांच से यह साफ है कि वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह से एआई द्वारा बनाई गई है. इसलिए ऐसे किसी भी तस्वीर पर भरोसा करने से पहले उसकी डिटेलिंग पर जरूर ध्यान दें.
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-भारत एक्सप्रेस
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