फैक्ट चेक

‘ईरान को भुगतना होगा आतंकवाद का परिणाम’; क्या पीएम मोदी ने दिया ऐसा बयान? जानें वायरल वीडियो का सच

ईरान-इजरायल के बीच चल रहे तनाव के चलते आए दिन कुछ न कुछ सोशल मीडिया पर वायरल होता रहता है. इसी बीच कुछ दिनों से इंटरनेट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो जंगल की आग की तरह फैल रहा है. इस वीडियो को देखकर न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मच गई है. वीडियो में पीएम मोदी कथित तौर पर ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर भारत के रुख पर बेहद चौंकाने वाला बयान देते सुनाई दे रहे हैं. लेकिन क्या वाकई देश के प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देशों और खाड़ी के देशों को लेकर इतनी आक्रामक टिप्पणी की है? आइए जानते है सच.

क्या है वायरल वीडियो का दावा?

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस छोटे से क्लिप में पीएम मोदी एक पोडियम पर खड़े होकर भाषण देते दिख रहे हैं. वीडियो में जो आवाज सुनाई दे रही है, उसमें वे कहते हैं कि ईरान और इजरायल के युद्ध में भारत, इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है. इजरायल को ‘ग्रेट इजरायल’ बनना है और भारत को ‘अखंड भारत’. लेकिन ईरान को खत्म किए बिना यह मुमकिन नहीं है, क्योंकि ईरान हमेशा पाकिस्तान का साथ देता है. नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका तो बिना युद्ध के ही अखंड भारत का हिस्सा बन जाएंगे, लेकिन पाकिस्तान को हराने के लिए ईरान का गिरना जरूरी है.

इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेचफोर्म एक्स के एक यूजर ने शेयर करते हुए दावा किया कि भारत ने इशारों-इशारों में ईरान और पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध का एलान कर दिया है.

क्या है वीडियो की सच्चाई?

इस वीडियो की गंभीरता को देखते हुए जब इसकी बारीकी से जांच की गई, तो परतें खुलने लगीं. जांच में सबसे पहले वीडियो के कोने में दिख रहे ‘एएनआई’ (ANI) के लोगो पर ध्यान दिया गया. जब न्यूज एजेंसी एएनआई के आर्काइव और पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल को खंगाला गया, तो वह असली वीडियो मिल गया जिससे यह क्लिप काटी गई थी.

असल में ये वीडियो पूरी तरह से ‘डॉक्टर्ड’ यानी एडिटेड है. असली वीडियो में पीएम मोदी मध्य प्रदेश के संदर्भ में और देश में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सप्लाई व कालाबाजारी को लेकर बात कर रहे थे. उन्होंने अपने पूरे भाषण में कहीं भी ‘ग्रेटर इजरायल’, ‘अखंड भारत’ या ‘ईरान को खत्म करने’ जैसे शब्दों का जिक्र तक नहीं किया था.

एआई (AI) का खतरनाक खेल

जांच में ये साफ हो गया कि किसी शरारती तत्व ने पीएम मोदी के चेहरे और हाव-भाव का इस्तेमाल करते हुए AI वॉयस क्लोनिंग के जरिए यह फर्जी ऑडियो जोड़ दिया है. देखने में ये इतना असली लगता है कि आम आदमी आसानी से धोखा खा जाए.

सरकार की नोडल एजेंसी ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ (PIB Fact Check) ने भी इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी करार दिया है और लोगों से ऐसी अफवाहों को शेयर न करने की अपील की है.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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