फैक्ट चेक

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन मिनवाला का वायरल वीडियो फर्जी, PIB ने बताया सच

सोशल मीडिया पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला पर सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है. इस वीडियो के जरिए भारतीय सेना की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है.

पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहा यह वीडियो पूरी तरह से  एडिटेड है. जांच में सामने आया कि लेफ्टिनेंट जनरल मिनवाला ने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है. यह वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा हैंडल्स द्वारा समाज में भ्रम और नफरत फैलाने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है. सरकार ने असली वीडियो साझा कर इस दावे को झूठा साबित किया है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है.

सोशल मीडिया पर क्या वायरल हो रहा?

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला (Lt Gen Zubin A Minwalla) ने सांप्रदायिक और भेदभावपूर्ण टिप्पणी की है. इस वीडियो को कई पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा हैंडल्स और संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा बड़े पैमाने पर शेयर किया जा रहा है.

हालांकि, भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने इस वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है.

पड़ताल

PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो डिजिटल रूप से मॉर्फ और एडिट किया गया है. एजेंसी के मुताबिक वीडियो में दिखाई गई बातें वास्तविक नहीं हैं और लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला ने ऐसा कोई बयान कभी नहीं दिया. फैक्ट चेक एजेंसी ने कहा कि यह एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाना है.

जांच में क्या सामने आया?

एजेंसी ने लोगों को सच दिखाने के लिए वीडियो का मूल और बिना एडिट किया गया संस्करण भी साझा किया है. PIB Fact Check के अनुसार ओरिजिनल वीडियो में किसी तरह की विवादित या सांप्रदायिक टिप्पणी नहीं की गई है. एजेंसी ने कहा कि तकनीक का गलत इस्तेमाल कर वीडियो में बदलाव किया गया और फिर उसे सोशल मीडिया पर फैलाया गया ताकि लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सके.

PIB Fact Check ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो, पोस्ट या दावे पर आंख बंद करके भरोसा न करें. खासतौर पर सेना, सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी सामग्री को शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें. एजेंसी ने यह भी कहा कि फर्जी और भ्रामक कंटेंट समाज में नफरत फैलाने का काम करता है और इससे देश की सामाजिक एकता प्रभावित हो सकती है.

सरकार की फैक्ट चेक यूनिट ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर उन्हें भारत सरकार या सेना से जुड़ी कोई संदिग्ध सामग्री दिखाई दे, तो उसकी तुरंत रिपोर्ट करें और अफवाहों को फैलने से रोकने में सहयोग करें.

यह भी पढ़ें: बायो अपडेटेड पर हार अनएक्सेप्टेड! ममता बनर्जी ने बदला सोशल मीडिया बायो, पर ‘पूर्व मुख्यमंत्री’ लिखने से किया सख्त परहेज

-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

Recent Posts

फिल्म ‘काला हिरण’ से जुड़े विवाद मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान को भेजा नोटिस

फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान…

15 minutes ago

अडाणी ग्रुप ने नवी मुंबई एयरपोर्ट पर लॉन्च किया Swirl ट्रांजिट होटल, अब एयरपोर्ट के अंदर ही आराम और काम की सुविधा

देश की सबसे बड़ी प्राइवेट एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनी अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड ने नवी मुंबई…

17 minutes ago

ज्ञानेश कुमार के लिए गले की फांस बना फॉर्म-6, जानें क्या हैं वो 3 बदलाव जिन पर मचा है बवाल?

फॉर्म-6 में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद CEC ज्ञानेश कुमार घिर गए…

1 hour ago

‘राहुल गांधी को बनाएंगे PM’… JDU नेता अनंत सिंह का बयान हुआ वायरल, जानिए क्या है सच

मोकामा विधायक पर अनंत सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, इससे…

2 hours ago

क्या आपके बाल भी हो जाते हैं चिपचिपे? कंडीशनर लगाते वक्त भूलकर भी न करें ये मिस्टेक

Hair Conditioner Mistakes: काले और घने बालों के लिए सिर्फ शैंपू ही नहीं, कंडीशनर लगाने…

2 hours ago