लखनऊ, 11 मई। योगी सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जनपदों में अवैध रूप से सरकारी व निजी भूमि पर बने धार्मिक स्थलों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है. बीते कुछ दिनों में सैकड़ों अवैध मदरसे, मस्जिदें, मजारें और ईदगाह को चिह्नित कर उन पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की गई है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध कब्जों और बिना मान्यता संचालित धार्मिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई रविवार को भी जारी रही. प्रदेश के पीलीभीत, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज में प्रशासन द्वारा अवैध धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर उन पर प्रशासन ने चाबुक चलाया. मुख्यमंत्री का साफ निर्देश है कि किसी भी धर्म के नाम पर भूमि अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नियमों की अनदेखी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
श्रावस्ती में 10 और 11 मई को सार्वजनिक और निजी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित 104 मदरसा, एक मस्जिद, 5 मजार और 2 ईदगाह को चिह्नित किया गया. इन सभी को नोटिस देने के साथ ही इन्हें सील कर दिया गया है. जिलाधिकारी श्रावस्ती के अनुसार सार्वजनिक भूमि पर स्थित एक अवैध मदरसा के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पूर्ण की गई. निजी भूमि पर स्थित 2 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सीलिंग की कार्यवाही भी पूर्ण की गई है. इसके अतिरिक्त भूमि प्रबंधक समिति प्रबंधक के द्वारा नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रचलित है.
बहराइच में 10 और 11 मई को 13 मदरसे, 8 मस्जिद, 2 मजार और एक ईदगाह को सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित किया गया. इन सभी को नोटिस देने के बाद 5 को सील किया गया, जबकि 11 को हटा दिया गया है. हटाए गए अतिक्रमण में 8 मदरसे, 2 मस्जिद और एक मजार शामिल रहे. इसके अतिरिक्त इंडो नेपाल बॉर्डर के 0-10 किमी. के मध्य सरकारी भूमि पर स्थित कुल 171 अवैध अतिक्रमण को हटाया जा चुका है.
सिद्धार्थनगर में भी शनिवार को 4 मस्जिद, 18 मदरसे, जबकि रविवार को एक मदरसे को चिह्नित किया गया. इसमें 20 को अवैध निर्माण के लिए नोटिस दिया गया, जबकि 5 मदरसे को सील किया गया और 9 को हटाने की कार्रवाई की गई. कुल मिलाकर 23 अवैध निर्माण पर कार्रवाई की गई है.
महाराजगंज के तहसील नौतनवा के ग्राम परसामालिक में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या के आधार पर मकतब भूमि में संचालित गैर मान्यता प्राप्त मदरसे के संचालन को बंद करके चाभी थानाध्यक्ष के सुपुर्द की गई है. महाराजगंज में अब तक कुल मिलाकर सार्वजनिक और निजी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए 29 मदरसे और 5 मजार ध्वस्त किए जा चुके हैं.
लखीमपुर खीरी में शनिवार और रविवार को सार्वजनिक भूमि पर 2 मस्जिद, एक मजार और एक ईदगाह, जबकि निजी भूमि पर 8 मदरसा अवैध रूप से निर्मित पाए गए. अब तक जनपद में सभी 13 चिह्नित अवैध निर्माण में एक को नोटिस दिया गया है, जबकि 9 को सील करते हुए बाकी तीन को ध्वस्त किया जा चुका है.
पीलीभीत में अब तक सार्वजनिक भूमि पर एक अवैध मस्जिद को चिह्नित किया गया है और इसे नोटिस जारी किया गया है. जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, यह अवैध निर्माण ग्राम भरतपुर में कुल 0.0310 हेक्टेयर पर किया गया था. नोटिस जारी करते हुए इसमें पक्षकारों से 15 दिन में जवाब मांगा गया. नोटिस की अवधि के उपरांत अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जानी है.
बलरामपुर में रविवार को ग्राम वीरपुर सेमरा, तहसील तुलसीपुर में सार्वजनिक भूमि पर निर्माणाधीन मदरसे के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है. इस तरह अब तक कुल 30 मदरसे, 10 मजार और एक ईदगाह का अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया है. इसमें 10 मदरसे, दस मजार और एक ईदगाह सार्वजनिक भूमि पर, जबकि 20 मजार निजी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित की गई थी.
-भारत एक्सप्रेस
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