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‘ये युवाओं का नया दिन…’ CJP का आंदोलन खत्म होने के बाद क्या बोले अभिजीत दीपके, कैसा है जंतर-मंतर का हाल?

Abhijeet Dipke Video: पिछले 2 महीने से चल रहे दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन अब खत्म हो चुका है. इसी के साथ रविवार (26 जुलाई) सुबह CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो मैसेज जारी किया है. अभिजीत ने उन सभी युवाओं का धन्यवाद किया जिनकी वजह से यह बड़ी जीत उन्हें मिली है.

अभिजीत दीपके ने आलोचकों को भी जवाब देते हुए कहा, ‘सभी आलोचकों का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने मुझे बेहतर बनने में मदद की और आखिरकार ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के पहले कैंपेन के वादे को पूरा करने में सहयोग दिया.’ बता दें कि अभिजीत दीपके को टाइफाइड हुआ है, जिसकी वजह से उनकी तबीयत ठीक नहीं है. हालांकि, इसके बावजूद दीपके ने लोगों का शुक्रिया अदा किया.

‘ये युवाओं का नया दिन है’- अभिजीत दीपके

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियों शेयर करते हुए कहा, “नमस्कार दोस्तों… सबसे पहले उन सभी को धन्यवाद जो इस युवाओं की बड़ी जीत को संभव बनाने में शामिल रहे. छात्रों, स्वयंसेवकों, जंतर मंतर और देशभर में आंदोलन करने वालों, GenZ और सभी लोगों को दिल से शुक्रिया. CJP की पहली कैंपेन का वादा हमने पूरा किया है. अपने सभी क्रिटिक्स को भी विशेष धन्यवाद. आप लोगों की आलोचना ने मुझे बेहतर बनाने में मदद की, सुधारने में मदद की और आखिरकार इस वादे को पूरा करने में सक्षम बनाया. यह युवाओं का नया दिन है. #ANewDay”

कॉकरोज जनता पार्टी का आंदोलन खत्म

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) का लगभग दो महिनों दिनों से चल रहा आंदोलन समाप्त हो गया है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन खत्म करने की घोषणा की. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए यह फैसला सुनाया. बाद में अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है, इसलिए उनकी तबीयत ठीक नहीं है.

क्या थी CJP की प्रमुख मांगे ?

करीब दो महीने तक चले CJP के आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं. अब सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद इन मांगों पर महत्वपूर्ण फैसले सामने आए हैं. आंदोलन की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

छात्रों की दूसरी मांग थी कि NEET परीक्षा रद्द होने और कथित धांधली से मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए. सरकार ने इस मांग पर सहमति जताते हुए कहा है कि नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत पीड़ित परिवारों को उचित वित्तीय मुआवजा दिया जाएगा.


ये भी पढ़ें: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, प्रह्लाद जोशी को सौंपा गया शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार


आंदोलन के दौरान, खासकर 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च के समय दर्ज किए गए पुलिस केस और FIR वापस लेने की भी मांग की गई थी. सरकार ने भरोसा दिया है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इन तीनों मुद्दों पर सरकार की ओर से सकारात्मक रुख सामने आने के बाद लंबे समय से चल रहा CJP का आंदोलन समाप्त हो गया है.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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