केदारनाथ में 'इंजीनियरिंग का चमत्कार'
Adani Group Ropeway In Kedarnath: केदारनाथ यात्रा लाखों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है, लेकिन कठिन रास्ता, अप्रत्याशित मौसम और लंबा समय बड़ी चुनौती है. अदाणी समूह आस्था को सुविधाओं से जोड़ने के लिए सोनप्रयाग-केदारनाथ के बीच रोपवे बना रहा है. यह रोपवे लगभग 9 किमी लंबा होगा. रोपवे से यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और आरामदायक बनेगी, विशेषकर बुज़ुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए. परियोजना से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. पर्वतीय पारिस्थितिकी संवेदनशील होने के बावजूद, समूह प्रकृति-संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है ताकि आस्था और प्रकृति में संतुलन बना रहे, और विरासत सशक्त हो.
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इंस्टाग्राम पोस्ट में एक वीडियो शेयर करते हुए इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी है. साथ ही उन्होंने लिखा ‘केदारनाथ धाम की कठिन चढ़ाई अब आसान होगी. अदाणी समूह श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए यह रोपवे बना रहा है. इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है. महादेव सब पर अपनी कृपा बनाए रखें. जय बाबा केदारनाथ!’
करीब एक महीने पहले अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) को सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे परियोजना के निर्माण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबंधन लिमिटेड (NHLML) से लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) प्राप्त हुआ है. यह परियोजना 12.9 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें 36 मिनट का समय लगेगा, जबकि वर्तमान में इस यात्रा में 8-9 घंटे लगते हैं. कंपनी अब इस परियोजना के लिए ग्राउंड पर काम करने लगी है.
इस परियोजना की विशेषता है इसकी उच्च क्षमता, जो प्रति घंटे 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी. इससे केदारनाथ में आने वाले लगभग 20 लाख तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. परियोजना का निर्माण 6 वर्षों में पूरा होगा और अडाणी एंटरप्राइजेज द्वारा इसका संचालन 29 वर्षों तक किया जाएगा.
यह परियोजना राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम पर्वतमाला परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश में रोपवे नेटवर्क को विकसित करना है. इस परियोजना से न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
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अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा कि केदारनाथ रोपवे सिर्फ एक इंजीनियरिंग परियोजना नहीं है, बल्कि भक्ति और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच एक सेतु है. इस परियोजना से न केवल तीर्थयात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे. देश की बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी.
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