एयर इंडिया प्लेन क्रैश मामला.
Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान के दर्दनाक हादसे में 241 लोगों की मौत के बाद, भारत के विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइन की पूर्व सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है. DGCA ने बताया कि 2023 में की गई एक निरीक्षण जांच में एयर इंडिया की आंतरिक सुरक्षा ऑडिट प्रक्रियाओं में गंभीर खामियां पाई गई थीं, जो अब इस दुर्घटना की जांच के दायरे में शामिल कर ली गई हैं.
DGCA के अनुसार, दो सदस्यीय निरीक्षण टीम ने पाया कि एयर इंडिया ने कम से कम 13 ऑडिट रिपोर्ट्स में झूठे दावे किए. ये ऑडिट रिपोर्ट्स मुंबई, गोवा और दिल्ली में कैबिन निगरानी, रैम्प सेवा, कार्गो और लोड जांच जैसे प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित थीं. हालांकि, जब इन दावों को CCTV फुटेज, शिफ्ट लॉग्स और उड़ान दस्तावेजों से सत्यापित किया गया, तो यह स्पष्ट हो गया कि ऐसे कोई ऑडिट कभी हुए ही नहीं.
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि इन रिपोर्ट्स में अधिकृत उड़ान सुरक्षा प्रमुख के हस्ताक्षर नहीं थे, जो कि वैधानिक रूप से अनिवार्य है. इसके बजाय, इन्हें गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (QMS) विभाग के एक ऑडिटर ने हस्ताक्षरित किया, जिसकी योग्यता भारतीय उड़ान सुरक्षा नियमों के अंतर्गत मान्य नहीं है. DGCA की रिपोर्ट में कहा गया, “जब हमने पूछा कि इस हस्ताक्षर के लिए अधिकृत प्रतिनिधित्व कहां है, तो हमें न कोई लिखित आदेश मिला, न कोई ईमेल – केवल मौखिक आश्वासन दिया गया.”
इसके अलावा, DGCA ने पाया कि पायलटों के लिए आवश्यक प्री-फ्लाइट अल्कोहल परीक्षण की ऑडिट रिपोर्ट भी गैर-मौजूद निरीक्षण के आधार पर तैयार की गई थी. ऑडिटर ने कभी भी संबंधित स्थल का दौरा नहीं किया, जांच यंत्रों की रीडिंग नहीं दर्ज की और बिना किसी सत्यापन के सभी जांच बिंदुओं को ‘संतोषजनक’ घोषित कर दिया.
रैंप सेवा रिपोर्ट्स में ऐसे ड्यूटी अधिकारी दर्शाए गए जो उस समय मौजूद ही नहीं थे. वहीं, 16 जुलाई 2023 को दर्शाई गई केबिन ऑडिट रिपोर्ट पूरी तरह फर्जी पाई गई, क्योंकि उस दिन रिपोर्ट में दर्शाए गए ऑडिटर स्वयं एक यात्री के रूप में परिवार के साथ उड़ान में यात्रा कर रहे थे. जब DGCA ने अधिकृत ऑडिटरों की सूची मांगी, तो एयर इंडिया ने जानबूझकर देरी की और अंततः जो सूची दी गई, उसमें ऐसे QMS कर्मी शामिल थे जिनकी योग्यता नियामक मानकों के अनुरूप नहीं थी. तत्कालीन DGCA महानिदेशक विक्रम देव दत्त ने कहा था कि ये विस्तारित जांच का मामला है.
एयर इंडिया ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “सभी विमानन कंपनियां, जिनमें एयर इंडिया भी शामिल है, नियमित रूप से भारत और विदेशों में नियामकों द्वारा ऑडिट की जाती हैं. हम इन प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और किसी भी मुद्दे को संबंधित प्राधिकरण के साथ सीधे हल करते हैं.” DGCA की जांच के परिणामों के आधार पर, एयर इंडिया पर आपराधिक मुकदमे, आर्थिक दंड, परिचालन पर प्रतिबंध या तीसरे पक्ष द्वारा निगरानी जैसी सख्त कार्रवाइयां संभव हैं.
वर्तमान DGCA के महानिदेशक फैज अहमद किदवई ने हादसे की जांच के आदेश देते हुए कहा कि इस मामले की गहनता से जांच की जाएगी. जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इससे पहले डीजीसीए की कमान विक्रम देव दत्त के हाथों में थी.
-भारत एक्सप्रेस
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