देश

11वें आयुर्वेद दिवस से पहले AIIA की खास पहल, अब हर साल इस तारीख को मनेगा उत्सव; जानें क्या है वजह?

नई दिल्ली: 11वें आयुर्वेद दिवस की तैयारियों के बीच AIIA ने ‘आयुर्वार्ता’ नाम से विशेष संवाद श्रृंखला की शुरुआत की है. इस सीरीज में आयुर्वेद से जुड़े अहम मुद्दों पर विशेषज्ञों से बातचीत होगी. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, रिसर्च, इलाज और दुनिया भर में आयुर्वेद की बढ़ती पहुंच जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा.

‘आयुर्वार्ता’ की पहली कड़ी का फोकस रहा कि आखिर आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर को ही क्यों?

इस विषय पर AIIA के निदेशक प्रोफेसर (वैद्य) पी. के. प्रजापति और डीन, पीएच.डी., प्रोफेसर डॉ. महेश व्यास ने विस्तार से बातचीत की. इस चर्चा में आयुर्वेद दिवस की शुरुआत से लेकर इसकी तारीख तय किए जाने तक के सफर पर बात हुई.

पहले आयुर्वेद दिवस की तारीख हर साल धनतेरस यानी धन्वंतरि जयंती के आधार पर तय होती थी. लेकिन मार्च 2025 में भारत सरकार की राजपत्र अधिसूचना के बाद इसमें बदलाव किया गया. अब 23 सितंबर को हर साल आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है. वर्ष 2025 से यह नई व्यवस्था लागू है.

23 सितंबर की तारीख के पीछे क्या है वजह?

डॉ. महेश व्यास ने बातचीत के दौरान 23 सितंबर की तारीख को आयुर्वेद के मूल विचार से जोड़कर समझाया है. यह तारीख शरद विषुव के आसपास आती है, जब दिन और रात की अवधि लगभग बराबर होती है. आयुर्वेद में स्वास्थ्य को सिर्फ बीमारी ना होने तक सीमित नहीं माना जाता है. शरीर और मन के बीच संतुलन को भी स्वस्थ जीवन का अहम आधार माना गया है. ऐसे में दिन और रात के लगभग बराबर होने वाली इस तारीख का ‘संतुलन’ की अवधारणा से एक वैचारिक संबंध बनता है.

सरकार द्वारा तारीख निश्चित किए जाने के बाद आयुर्वेद दिवस को हर साल एक समान दिन पर मनाने का रास्ता भी साफ हुआ है. इससे देश के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस दिवस की एक स्थायी पहचान बनाने में मदद मिल सकती है.

आयुर्वेद को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर

AIIA के निदेशक प्रोफेसर (वैद्य) पी. के. प्रजापति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किया जा रहा हैं.

उनके मुताबिक, आयुर्वेद अब सिर्फ भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में चर्चा तक सीमित नहीं है. दुनिया के कई हिस्सों में लोग स्वस्थ जीवनशैली, बचाव आधारित स्वास्थ्य देखभाल और प्राकृतिक तरीकों को लेकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं. ऐसे में आयुर्वेद के ज्ञान और शोध को व्यापक मंच तक पहुंचाना जरूरी हो गया है.

उन्होंने कहा कि इस साल आयुर्वेद दिवस देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी बड़े स्तर पर मनाए जाने की तैयारी है. उनके अनुसार, यह आयुर्वेद में बढ़ती वैश्विक रुचि का संकेत है.

‘आयुर्वार्ता’ में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

AIIA की योजना है कि ‘आयुर्वार्ता’ को सिर्फ आयुर्वेद दिवस तक सीमित नहीं रखा जाए. आने वाली कड़ियों में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा. इनमें आयुर्वेद के वैज्ञानिक आधार और आधुनिक शोध, आयुर्वेद की पढ़ाई, युवाओं और नई पीढ़ी की भूमिका, सार्वजनिक स्वास्थ्य, तकनीक और नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा होगी.

इसके अलावा औषधीय पौधों और प्राकृतिक संसाधनों, स्वस्थ जीवनशैली, बीमारी से बचाव, आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के बीच संभावित तालमेल तथा वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में आयुर्वेद की भूमिका जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा होंगे.

आयुर्वेद में शोध और प्रमाण-आधारित चिकित्सा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे आम लोगों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि परंपरागत ज्ञान के साथ आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन किस तरह काम कर सकते हैं.

AIIA की क्या भूमिका है?

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान आयुष मंत्रालय के तहत काम करने वाला स्वायत्त संस्थान है. इसका मुख्य फोकस आयुर्वेद की उच्च स्तरीय शिक्षा, चिकित्सा सेवाओं और अनुसंधान को बढ़ावा देना है.

संस्थान पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक शोध और प्रमाण-आधारित नजरिए के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है. शिक्षा और इलाज के अलावा रिसर्च, कौशल विकास और नई तकनीकों के इस्तेमाल के जरिए आयुर्वेद को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर भी देख सकेंगे ‘आयुर्वार्ता’

इस पूरी पहल का एक अहम हिस्सा इसका डिजिटल स्वरूप है. AIIA की योजना है कि ‘आयुर्वार्ता’ की कड़ियां उसके आधिकारिक डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएंगी.

लोग YouTube, Facebook, X और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए इन चर्चाओं को देख सकेंगे. इसका मकसद खास तौर पर युवाओं, छात्रों, डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और आम लोगों तक आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी को सरल तरीके से पहुंचाना है.

यह भी पढ़ें: ‘शहबाज के सामने खुली PAK की पोल…!’ SCO के मंच पर पीएम मोदी ने आतंकवाद की कैसे उड़ाई धज्जियां?’

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

Explainer: आलू-टमाटर सस्ते, प्याज 108% महंगा; आंकड़ों और बाजार के बीच इतना फर्क क्यों?

Onion Price Inflation: प्याज की महंगाई दर 108.09% पहुंच गई है लेकिन दिलचस्प बात यह…

13 minutes ago

‘देश को क्यों खराब कर रहा है भाई?’, दिल्ली एयरपोर्ट पर CJP एक्टिविस्ट का विरोध, वायरल वीडियो में लोगों ने पूछे सवाल

CJP एक्टिविस्ट अभिजीत दिपके का दिल्ली एयरपोर्ट पर विरोध किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया…

48 minutes ago

गंभीर के बर्थडे पर बिगड़ा खेल, शे होप के शतक और कीमो पॉल के पंजे से भारत की हार, 2-2 से बराबर हुई टी20 सीरीज

IND vs WI: हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को…

1 hour ago

एस जयशंकर-UAE विदेश मंत्री की अहम मुलाकात, बदलती दुनिया पर हुई चर्चा; वैश्विक संस्थाओं में सुधार पर जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद…

2 hours ago

अंकिता भंडारी केस पर सियासत तेज, इंडिया गेट से माता-पिता समेत कई लोग हिरासत में; कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर…

2 hours ago