देश

‘चोरी ट्रस्टी करें, और बिना जेब का कुर्ता हमें’, अखाड़ा परिषद के फरमान पर आगबबूला हुए पुजारी

उज्जैन/मनोज भटनागर: धर्मनगरी उज्जैन में मंदिरों के दान की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक ऐसा हाई-वोल्टेज विवाद छिड़ गया है, जिसने पूरे संत और ब्राह्मण समाज को आमने-सामने ला खड़ा किया है. हाल ही में अयोध्या और आगर-मालवा के बगलामुखी मंदिर में दान राशि में हेरफेर के मामले क्या सामने आए, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने पुजारियों के लिए एक ऐसा अजीबोगरीब फरमान सुना दिया, जिससे देशभर का पुजारी समाज आगबबूला हो उठा है.

क्या है ‘जेब विहीन’ कुर्ते का अजीब फरमान?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने एक नया और चौंकाने वाला सुझाव दे डाला. उन्होंने वकालत की कि बड़े मंदिरों में पुजारियों के लिए ‘जेब विहीन’ (बिना जेब वाली) यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी जाए, ताकि दान का सारा पैसा सीधे दानपेटी में जाए और कोई हेराफेरी न हो सके. इस बयान ने पुजारियों के स्वाभिमान पर सीधा वार किया है.

पुजारियों का फूटा गुस्सा

इस अजीबोगरीब नसीहत के सामने आते ही अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के अध्यक्ष महेश पुजारी ने अखाड़ा परिषद पर ‘सुपर-अटैक’ कर दिया. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पुजारियों का अपमान तुरंत बंद किया जाए, वरना देशभर का ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतरेगा.
महेश पुजारी ने तंज कसते हुए कहा, “सनातन परंपरा में पुजारी पहले से ही धोती और बनियान पहनते हैं, जिनमें कोई जेब नहीं होती! लेकिन अगर परिषद को इससे भी समस्या है, तो हम और भी सादे वस्त्र धारण करने को तैयार हैं.”

चोरी ट्रस्टी करते हैं, कलंक हम पर क्यों?

पुजारी महासंघ ने डंके की चोट पर कहा कि अयोध्या और आगर-मालवा के मंदिरों में जो गड़बड़ियां हुई हैं, उसमें किसी भी पुजारी का कोई हाथ नहीं है. यह ‘अमानत में खयानत’ पूरी तरह से ट्रस्टियों और समिति के लोगों का किया-धरा है. पुजारियों की भक्ति और पसीने की बदौलत ही आज मंदिरों के खजाने भरे हैं, जो ट्रस्टियों के बड़े-बड़े लॉकरों में कैद हैं.

ये भी पढ़ें: प्रचार से दूर तेजस्वी यादव, डेब्यूटेंट का अखाड़ा बना बांकीपुर; किसकी होगी मौज?

संतों को दिखाया आईना

बात यहीं खत्म नहीं हुई. महासंघ ने अखाड़ा परिषद को सीधा आईना दिखाते हुए उनकी भी पोल खोल दी. महेश पुजारी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, “दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले पहले अपने आश्रमों की स्थिति सुधारें. संन्यास लेने वाले संतों के आश्रमों में धड़ल्ले से होटलें चल रही हैं और गार्डनों में शादियां हो रही हैं!” अखाड़ों में व्याप्त नशे और जमीन के सौदों पर सवाल उठाते हुए पुजारियों ने साफ कह दिया है कि अखाड़ा परिषद पहले अपने गिरेबां में झांके, फिर किसी और को नसीहत दे.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

कौन है ओलंपियन परगट सिंह, जिनके हाथों में है अब पंजाब कांग्रेस की कमान?

पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश…

5 hours ago

गांधी जयंती पर सीएम फडणवीस ने किया ‘एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन, देखिए कैसा होगा नया धारावी

गांधी जयंती पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 'धारावी एक्सपीरियंस सेंटर' का उद्घाटन किया. 22,500 वर्ग…

6 hours ago

भोपाल में 3 अक्टूबर से लगेगी देश की अनोखी पुलिस प्रदर्शनी, गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल के बीएचईएल मैदान में 3 से 7 अक्टूबर तक नवीन न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी…

6 hours ago

प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर धरने पर बैठा परिवार, 3 महीने से लापता है 16 साल का इकलौता बेटा

Premanand Maharaj Ashram: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केली कुंज आश्रम से…

8 hours ago