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‘नक्सलवाद समाप्त, अब विकास के स्वर्णिम युग में छत्तीसगढ़’: राज्योत्सव में गरजे अमित शाह; राहुल गांधी को खुली चुनौती- ‘संसद चलने दें, स्पेशल सेशन में SIR पर चर्चा को तैयार’

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में आयोजित राज्य स्थापना दिवस समारोह (छत्तीसगढ़ राज्योत्सव) के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्य में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे और विकास के नए युग का शंखनाद किया. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारने का ऐतिहासिक काम किया है. राज्य को नक्सल आतंक से मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों को साधुवाद देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ भय से भरोसे की ओर और संभावनाओं से सिद्धि की ओर तेजी से अग्रसर हो चुका है.

‘हाथ में संविधान लेकर घूमने से आचरण संवैधानिक नहीं होता’

विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक गतिविधियों का मूक समर्थन किया. पहले बस्तर में नक्सलियों की समानांतर ‘जनताना सरकार’ को प्रश्रय दिया गया और अब संसद की गरिमा गिराने के लिए विपक्ष ‘मॉक पार्लियामेंट’ (नकली संसद) का तमाशा कर रहा है.

राहुल गांधी और विपक्ष को सीधी चुनौती देते हुए गृह मंत्री ने कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार देश के हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार है. आप संसद की कार्यवाही को बाधित करना बंद कीजिए और संसद चलने दीजिए. अगर विपक्ष में साहस है, तो हम विशेष सत्र (Special Session) बुलाकर एसआईआर (SIR – Special Investment Region / विशेष निवेश क्षेत्र) पर पूरी चर्चा कराने के लिए तैयार हैं. देश की जनता के सामने खुले मंच पर दो-दो हाथ कर लीजिए, ताकि जनता को पता चल सके कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन.” उन्होंने तंज कसा कि केवल हाथ में संविधान की प्रति लेकर घूमने से कोई संविधान का रक्षक नहीं बनता, इसके लिए आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए.

‘रेड कॉरिडोर को हमने बनाया विकास और शांति का गलियारा’

गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की निर्णायक नीति की सराहना करते हुए कहा कि एक समय था जब जिस जमीन पर महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की गूंज होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगे बिछाई गई थीं और बच्चों के हाथों से कलम छीनकर बंदूकें थमाई गई थीं. मानवाधिकार के नाम पर नक्सलियों की वकालत करने वालों को घेरते हुए उन्होंने पूछा कि क्या बस्तर के निर्दोष आदिवासियों का कोई मानवाधिकार नहीं था? उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की स्पष्ट नीति रही—जो कानून मानेगा उसे मुख्यधारा में सम्मान मिलेगा और जो बंदूक उठाएगा सुरक्षा बल उसका खात्मा करेंगे. इसी का परिणाम है कि 90 फीसदी हथियारबंद नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया और आज पूरा प्रदेश नक्सलमुक्त हो चुका है.

मोदी की गारंटियों का तेज क्रियान्वयन और पर्यटन का हब

अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्रियों अरुण साव व विजय शर्मा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने अत्यंत कम समय में ‘मोदी की गारंटी’ के 70% से अधिक संकल्पों को पूरा कर दिखाया है. उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में चित्रकोट, तीरथगढ़ और कांगेर घाटी जैसे प्राकृतिक स्थलों के बूते छत्तीसगढ़ देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शुमार होगा और आगामी 10 वर्षों में ‘धरती भी अमीर होगी और लोग भी अमीर होंगे’.

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Bharat Express Desk

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