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‘असम से घुसपैठिए को चुन-चुनकर निकालेंगे’, सोनितपुर रैली में अमित शाह का बड़ा चुनावी शंखनाद

Amit Shah speech in Sonitpur Assam: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को असम के सोनितपुर में चुनावी सभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हम अभी तक असम से घुसपैठियों को हटाने में सफल नहीं हुए हैं. अगले 5 सालों में हम अपने राज्य से हर घुसपैठिए की पहचान करने और उसे हटाने का संकल्प लेते हैं. सोनितपुर रैली में भाजपा प्रत्याशियों के लिए वोट मांगते हुए अमित शाह ने जनता से कहा कि-

  • ‘आपको ऐसे असम के लिए वोट देना चाहिए जो घुसपैठियों से मुक्त हो. आपको एक शांतिपूर्ण और विकसित असम के लिए वोट देना चाहिए. आपको असम के युवाओं के लिए अवसरों और रोजगार के लिए वोट देना चाहिए.’

अमित शाह ने कहा कि एक तरफ भाजपा है, जिसने पिछले दस सालों में असम को आतंकवाद से मुक्त किया है. इसके विपरीत, कांग्रेस के शासन के दौरान असम ने बम धमाके, गोलीबारी और कई युवाओं की दुखद मौतें देखीं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने असम में शांति स्थापित की है और 10,000 युवाओं को हथियार छोड़ने और एक बेहतर भविष्य अपनाने में मदद की है.”

उठाया घुसपैठ का मुद्दा

जनसभा में अमित शाह ने घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कहा, “हम अभी तक असम से घुसपैठियों को हटाने में सफल नहीं हुए हैं. हालांकि, पिछले दस सालों में हम और घुसपैठ रोकने में कामयाब रहे हैं. लेकिन सिर्फ घुसपैठ रोकना ही काफी नहीं है. हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग अवैध रूप से घुसे हैं, उन्हें भी असम से हटाया जाए. ये घुसपैठिए हमारे युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं और उन संसाधनों का उपभोग कर रहे हैं जो सही मायने में असम के लोगों के हैं.”

उन्होंने कहा कि असम की जमीन पर घुसपैठियों का कोई वैध दावा नहीं है. जनता से समर्थन मांगते हुए अमित शाह ने कहा कि अगले 5 सालों में हम अपने राज्य से हर घुसपैठिए की पहचान करने और उसे हटाने का संकल्प लेते हैं.

कांग्रेस पर तीखा हमला

अमित शाह ने कांग्रेस पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, “एसआईआर पूरे देश में लागू किया जा रहा है. राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रहे हैं. अगर गौरव गोगोई आते हैं, तो उनसे जरूर पूछा जाना चाहिए कि वे उनके खिलाफ क्यों हैं. मतदाता सूचियों से घुसपैठियों के नाम हटाना जरूरी है. हालांकि, गौरव गोगोई असमिया वोट हासिल करने के लिए इन लोगों को बचाना चाहते हैं. गौरव, क्या तुम घुसपैठियों के साथ खड़े हो, या उनके खिलाफ?”

गोपीनाथ बोरदोलोई पर क्या बोले?

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने गोपीनाथ बोरदोलोई को भी याद किया. उन्होंने कहा, “गोपीनाथ बोरदोलोई एक कद्दावर नेता थे. बंटवारे के समय, पूरे असम क्षेत्र को पूर्वी पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश की गई थी. गोपीनाथ बोरदोलोई ने इसका जोरदार विरोध किया. साथ ही कांग्रेस और नेहरू की नीतियों के खिलाफ भी खड़े हुए. नतीजतन, उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें भारत रत्न से सम्मानित नहीं किया गया.

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अमित शाह ने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, तो आखिरकार गोपीनाथ बोरदोलोई को भारत रत्न से सम्मानित किया गया. इसी तरह, भूपेन हजारिका, जिन्हें प्यार से ‘भूपेन दा’ कहा जाता था, उन्हें भी कभी भारत रत्न नहीं मिला था. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आखिरकार उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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