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शिवसेना UBT और TMC में फूट को लेकर.. कुरान की आयत से BJP और विपक्ष पर कौन सा नया बम फोड़ गए असदुद्दीन ओवैसी?

देश के सियासी गलियारों में इस समय ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी का एक सोशल मीडिया पोस्ट आग की तरह फैल गया है. ओवैसी ने महाराष्ट्र की शिवसेना (UBT) और पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रही बगावत, दलबदल तथा धमकियों के खेल पर ऐसा तीखा और कड़क तंज कसा है, जिसने पूरी राजनीति को हिलाकर रख दिया है.

ओवैसी ने न सिर्फ बीजेपी के ‘जाल’ पर सवाल उठाए बल्कि विपक्ष को आईना दिखाते हुए पवित्र कुरान की एक बेहद गंभीर आयत का हवाला देकर पीठ पीछे साजिश रचने वालों को बड़ी चेतावनी दे डाली है.

विपक्ष को क्या नसीहत दी?

ओवैसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर विपक्ष के अंतर्विरोधों को उजागर करते हुए लिखा कि शिवसेना (UBT) के कुछ लोकसभा सांसद इस समय बीजेपी में शामिल होने के लिए बेताब हैं. ओवैसी ने सीधा हमला बोलते हुए पूछा कि क्या हम उन दो प्रमुख सांसदों से पूछ सकते हैं कि इन नेताओं को बीजेपी में जाने के लिए ‘धमकी’ किसने दी? और TMC के अन्य 19 सांसदों ने अचानक दलबदल क्यों किया? उन्होंने विपक्षी नेताओं को लताड़ते हुए कहा कि अपनी खुद की सांगठनिक नाकामियों का ठीकरा किसी एक व्यक्ति या ‘प्रमुख सांसद’ पर फोड़ना बिल्कुल गलत है. ये सब लोग आखिर क्यों भाग रहे हैं?

 

पीठ पीछे निंदा करने वालों का होगा ‘विनाश’

इस पूरे राजनीतिक ड्रामे और एक-दूसरे पर मढ़े जा रहे दोषारोपण पर प्रहार करने के लिए ओवैसी ने पवित्र कुरान की सूरह अल-हुमज़ह (104:1) की आयत का हवाला दिया. उन्होंने लिखा कि “जैसा कि कुरान कहता है – ‘उसके लिए विनाश (खराबी) है जो लोगों के मुंह पर ऐब निकाले, पीठ पीछे बुराई करे.’

इस आयत का सीधा और विस्तृत हिंदी अनुवाद यह है कि हर उस व्यक्ति के लिए बर्बादी और हलाकत तय है, जो सामने से लोगों के ऐब ढूंढता है, उनका मजाक उड़ाता है और पीठ-पीछे उनकी निंदा या चुगली करता है. ओवैसी का साफ इशारा विपक्षी दलों में एक-दूसरे के खिलाफ रची जा रही साजिशों और पीठ पीछे की जा रही गंदी राजनीति की ओर था.

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‘शिकारी नया है, जाल पुराना है…’

ओवैसी ने अपने इस तीखे पोस्ट का अंत एक बेहद मारक और दार्शनिक लाइन के साथ किया. उन्होंने लिखा कि शिकारी नया है, जाल पुराना है…’. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस एक लाइन से ओवैसी ने सीधे तौर पर बीजेपी की विस्तारवादी रणनीति पर तंज कसा है, जहां चेहरे (शिकारी) भले ही नए आ रहे हों, लेकिन विपक्षी दलों को तोड़ने और उन्हें अपने पाले में लाने का तरीका (जाल) वही पुराना और आजमाया हुआ है. ओवैसी के इस ‘चिट्ठी बम’ ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि क्या वाकई विपक्ष बिना किसी ठोस रणनीति के सिर्फ रोना रो रहा है?

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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