देश

कुमारस्वामी ने बालगंगाधरणाथ स्वामीजी की विरासत को बताया प्रेरणादायक, पीएम मोदी की सराहना की

कर्नाटक में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने युगयोगी श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरणाथ महास्वामीजी की विरासत को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है. कुमारस्वामी ने कहा कि स्वामीजी ने सेवा, आध्यात्म और सामाजिक उत्थान को जिस तरह अपने जीवन का आधार बनाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत संदेश है.

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा और जगद्गुरु निर्मलानंदनाथ स्वामीजी समेत कई संतों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही. कुमारस्वामी ने बताया कि बालगंगाधरणाथ महास्वामीजी को समर्पित ‘भैरवैक्य मंदिर’ का उद्घाटन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह उनके मानवता के प्रति समर्पित जीवन को सच्ची श्रद्धांजलि है.

शिक्षा और सेवा का केंद्र बना मठ

अपने संबोधन में उन्होंने आडिचुंचनगिरी मठ की भूमिका की भी जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि इस मठ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में जो काम किया है, उसने लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया है. कभी एक छोटा सा आध्यात्मिक केंद्र रहा यह मठ आज एक बड़े सामाजिक और वैश्विक प्रेरणा केंद्र के रूप में उभरा है.

‘अन्न, अक्षर और आरोग्य दासोहा’ का संदेश

कुमारस्वामी ने स्वामीजी के सिद्धांत ‘अन्न, अक्षर और आरोग्य दासोहा’ का जिक्र करते हुए कहा कि भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य इन तीन मूल जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार काम किया. उनके प्रयासों से गरीब परिवारों और बच्चों को नई उम्मीद मिली और समाज में समानता की भावना मजबूत हुई.

उन्होंने कहा कि स्वामीजी ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचाया. ग्रामीण इलाकों में शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं को भी आम लोगों के करीब लाने का काम किया. यह एक तरह से शांत लेकिन प्रभावशाली सामाजिक क्रांति थी.

पर्यावरण और भविष्य के लिए योगदान

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनके योगदान को याद करते हुए कुमारस्वामी ने बताया कि स्वामीजी के नेतृत्व में करीब पांच करोड़ पौधे लगाए गए, जो अब बड़े पेड़ों का रूप ले चुके हैं और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में मदद कर रहे हैं.

अंत में कुमारस्वामी ने लोगों से अपील की कि वे स्वामीजी के आदर्शों और जगद्गुरु निर्मलानंदनाथ स्वामीजी के मार्गदर्शन को अपनाते हुए सेवा, एकता और आध्यात्म की इस परंपरा को आगे बढ़ाएं.

ये भी पढ़ें- ‘मैं ही राजा मानसिंह था’, 10 साल के बच्चे का दावा; जानें क्या है टोंक का रहस्य?

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

India vs Brazil Football: साल्ट लेक स्टेडियम में धुरंधरों ने बिखेरा जलवा, जानिए दुनिया की नंबर-1 फुटबॉल टीम से हम मैच जीते या हारे

कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए ऐतिहासिक मुकाबले में पांच बार की विश्व…

1 hour ago

‘बंगाल के बिना फुटबॉल की बात अधूरी’, मनोज तिवारी ने कोलकाता में भारत-ब्राजील मुकाबले को बताया नया दौर

Manoj Tiwari: बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भारत और ब्राजील के बीच मुकाबले को लेकर…

1 hour ago

पीएम मोदी दिसंबर में असम सेमीकंडक्टर सुविधा का कर सकते हैं उद्घाटन- हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि जागीरोड में सेमीकंडक्टर असेंबली…

2 hours ago

‘पिक्चर नहीं चली तो क्या, मैच चला देंगे’, भारत-ब्राजील फ्रेंडली मुकाबले में दिखा बोनी कपूर का फुटबॉल प्रेम

Boney Kapoor: बोनी कपूर ने कहा कि उनका फुटबॉल से पुराना रिश्ता रहा है. उन्होंने…

2 hours ago

Kolkata: भारत-ब्राजील में फुटबॉल का रोमांचक मुकाबला, Bharat Express के CMD उपेन्द्र राय ने की हौसला-अफ़ज़ाई

India vs Brazil Football Match: कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में 5 बार की वर्ल्ड…

2 hours ago

बदलेगी मुंबई T-1 की तस्वीर, अडाणी ग्रुप शुरू करेगा पुनर्विकास, जानिए उड़ानों पर क्या पड़ेगा असर?

Mumbai Airport Redevelopment: अडाणी एयरपोर्ट्स जनवरी 2027 से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई…

3 hours ago