बेंगलुरु के पीईएस यूनिवर्सिटी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने शिक्षा जगत को शर्मसार कर दिया है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक प्रोफेसर अपनी मर्यादा भूलकर क्लासरूम में एक मुस्लिम छात्र को ‘आतंकवादी’ कहते हुए नजर आ रहे हैं.
इस घटना के बाद कैंपस में भारी गुस्सा है और अब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया है.
बताया जा रहा है कि अफान नाम के एक छात्र ने किसी से मिलने के लिए क्लास से बाहर जाने की अनुमति मांगी थी. इतनी सी बात पर प्रोफेसर मुरलीधर देशपांडे इस कदर भड़क गए कि उन्होंने क्लास के सामने ही छात्र को बुरा-भला कहना शुरू कर दिया.
वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि चेक शर्ट पहने प्रोफेसर छात्र पर चिल्ला रहे हैं. वे कहते हैं, “तुम्हें शर्म नहीं आती? मैंने सोचा था कि आज मैं बहुत शांत रहूंगा.” लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने छात्र को ‘आतंकवादी’ कह दिया. बात यहीं खत्म नहीं हुई; प्रोफेसर ने ईरान के युद्ध के लिए भी छात्र की समुदाय को जिम्मेदार ठहराया और यहां तक कह दिया कि “डोनाल्ड ट्रंप आकर तुम्हें उठा ले जाएंगे” और “तुम नरक में जाओगे.”
मामले के तूल पकड़ते ही यूनिवर्सिटी ने तीन दिन बाद प्रोफेसर को सस्पेंड करने का लेटर जारी किया. वाइस चांसलर ने अपने पत्र में साफ़ कहा कि जांच पूरी होने तक प्रोफेसर सस्पेंड रहेंगे. हालांकि, इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब खबर मिली कि अफान का साथ देने वाले तीन अन्य छात्रों को भी निलंबित कर दिया गया है. यूनिवर्सिटी ने इसके पीछे अनुशासनहीनता जैसे अन्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन छात्रों के बीच इसे लेकर काफी नाराज़गी है.
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने इस घटना पर हैरानी जताते हुए कहा कि संस्थान के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि आरोपी प्रोफेसर कोई नए व्यक्ति नहीं हैं, वे काफी सालों से वहां ‘एडजंक्ट प्रोफेसर’ के तौर पर पढ़ा रहे हैं और उनके पास पीएचडी की डिग्री भी है. वीसी ने कहा, क्लास में कभी-कभी अनुशासन की कमी हो सकती है, लेकिन इस तरह का रिएक्शन हैरान करने वाला है. हालांकि, वीडियो के पीछे की पूरी कहानी और छात्र के साथ हुई बातचीत का पूरा संदर्भ अभी जांच का विषय है.
इस मुद्दे को लेकर अब राजनीति और विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया हैं. कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. उनकी मांग है कि प्रोफेसर न केवल सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, बल्कि उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जाए ताकि भविष्य में किसी भी शिक्षण संस्थान में धर्म या समुदाय के नाम पर किसी छात्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित ना किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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