देश

बंदूक के डर से बाहर निकला बस्तर, अब देश का ‘विकास मॉडल’ बनेगा- अमित शाह

छत्तीसगढ़ के बस्तर को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा दावा किया है. जगदलपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद के डर से पूरी तरह बाहर निकल चुका है और आने वाले समय में यहां विकास की नई तस्वीर देखने को मिलेगी. शाह ने कहा कि जो इलाका कभी बंदूक और भय की पहचान बन गया था, वहां अब लोगों के चेहरों पर उम्मीद और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा है.

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बस्तर के गांवों में लोग डर के माहौल में जीते रहे, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं. अब यहां के लोग खुलकर अपने भविष्य के बारे में सोच रहे हैं. उनके मुताबिक, बस्तर में अब गोलियों की आवाज नहीं, बल्कि विकास और रोजगार की बातें होंगी.

चार तारीखों के जरिए समझाया पूरा अभियान

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में चार अहम तारीखों का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह नक्सलवाद के खिलाफ अभियान आगे बढ़ा. उन्होंने कहा कि पहली बड़ी तारीख 13 दिसंबर 2023 थी, जब छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी. शाह ने कहा कि केंद्र में पहले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार थी, लेकिन राज्य में कांग्रेस सरकार होने के कारण नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को वैसा सहयोग नहीं मिल पा रहा था, जैसा जरूरी था.

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद सुरक्षा अभियान को नई रणनीति और तेजी के साथ आगे बढ़ाया गया. शाह के मुताबिक, दूसरी अहम तारीख 24 अगस्त 2024 थी, जब राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद यह लक्ष्य तय किया गया कि 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा.

गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों ने साहस और बलिदान के दम पर यह लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल कर लिया. उन्होंने जवानों की भूमिका की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि उनके समर्पण की वजह से बस्तर जैसे कठिन इलाकों में शांति लौट पाई.

अब सुरक्षा कैंप बनेंगे विकास केंद्र

शाह ने कहा कि 19 मई 2026 से नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास की नई शुरुआत की जा रही है. उन्होंने कहा कि वर्षों तक यह कहा जाता रहा कि विकास की कमी की वजह से नक्सलवाद फैला, लेकिन हकीकत यह थी कि नक्सलवाद के कारण ही विकास वहां पहुंच नहीं पा रहा था.

उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ योजना की शुरुआत की गई है. इसके तहत उन सुरक्षा कैंपों को विकास केंद्रों में बदला जाएगा, जिन्हें नक्सलवाद से लड़ने के लिए बनाया गया था. गृह मंत्रालय ने ऐसे करीब 200 कैंप बनाए थे, जहां सीएपीएफ, डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान तैनात थे. अब इनमें से 70 कैंपों को सेवा डेरा के रूप में विकसित किया जाएगा.

आदिवासी परिवारों की आय बढ़ाने पर जोर

गृह मंत्री ने कहा कि इन सेवा डेरों के जरिए बस्तर के आदिवासी परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की योजना है. उन्होंने बताया कि हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है. इसके बाद सहकारी मॉडल के जरिए दूध का विपणन देशभर में किया जाएगा, ताकि गांवों की आमदनी बढ़ सके.

उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश सिर्फ नक्सलवाद खत्म करने तक सीमित नहीं है, बल्कि अब लक्ष्य यह है कि बस्तर देश के विकास मॉडल के रूप में सामने आए. शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और खेती के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा.

ये भी पढ़ें- जेडीयू में आर-पार! आनंद मोहन के आरोपों से भड़के एमएलसी संजय सिंह, बोले- मानसिक दिवालियापन के शिकार हो चुके हैं

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

Recent Posts

‘दोस्ती और आतंकवाद एक साथ नहीं…!’ यूएन के मंच से जयशंकर ने पाकिस्तान को जमकर रगड़ा

S Jaishankar UNGA Speech 2026: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UNGA के 81वें सत्र में…

4 minutes ago

14 घंटे में टूटेगा कुदरत का कहर! 85 की स्पीड से चक्रवाती तूफान और 19 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

Aaj Ka Mausam: IMD ने 27 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक…

27 minutes ago

आज का राशिफल: वृद्धि योग और सूर्य कृपा से 4 राशियों पर बरसेगा धन, जानें मेष से मीन का पूरा भविष्यफल

Aaj Ka Rashifal: आज 27 सितंबर रविवार को वृद्धि योग और रेवती नक्षत्र का दुर्लभ…

3 hours ago

पितृ पक्ष 2026: प्रतिपदा श्राद्ध से शुरू होंगे पितरों के महाअनुष्ठान; नोट कर लें तर्पण का सबसे शुभ कुतुप मुहूर्त

पितृ पक्ष 2026 में 27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध से पूर्वजों के अनुष्ठान शुरू हो…

3 hours ago

आज का मेष राशिफल: मधुर वाणी से मात खाएंगे विरोधी, लेकिन पैसों के फैसले में बरतें सावधानी

आज मेष राशि वालों की तरक्की देखकर कुछ लोग जलेंगे, लेकिन क्या कोई करीबी ही…

3 hours ago