देश

Bihar chunav 2025: क्या महागठबंधन में पड़ गई है दरार? पप्पू यादव ने इस दलित नेता को बता दिया सीएम फेस…पढ़ें एक्सप्लेनर

Bihar chunav 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक है. एक तरफ एनडीए फिर से सत्ता में आने के लिए पुरजोर तरीके से लगी हुई है. तो वहीं महागठबंधन के रूप में इकट्ठा हुआ विपक्ष इस बार बिहार में अपनी सरकार लाने की कवायद कर रहा है. इसी बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के एक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है.

दरअसल पप्पू यादव ने इशारों-इशारों में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि राजेश राम और तारिक अनवर भी कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे हो सकते हैं.

महागठबंधन में दरार की अटकलें तेज

जिसके बाद महागठबंधन में दरार की अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं. एक तरफ राजद ने पप्पू यादव के बयान को नकारते हुए तेजस्वी यादव को महागठबंधन का नेता बताया है. तो वहीं कांग्रेस ने पप्पू यादव को आगे खड़ा करके अपने इरादे भी जाहिर कर दिये हैं.

ये भी पढ़ें- केंद्र ने कर्नाटक, पटना, मध्य प्रदेश सहित 5 राज्यों में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति की

पप्पू यादव पर कांग्रेस के बड़े नेताओं का हाथ

पप्पू यादव के इस बयान के बाद आप सोच रहे होंगे कि आखिर पप्पू यादव किस हैसियत से कांग्रेस की तरफ से बैटिंग कर रहे हैं. तो बता दें कि, पप्पू यादव अपनी जनाधिकार पार्टी का पहले ही कांग्रेस में विलय कर चुके हैं. अभी हाल ही में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की बिहार यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की थी. जिसके बाद से ऐसा लग रहा है कि पप्पू यादव को दोनों नेताओं का आशीर्वाद मिल चुका है.

राहुल गांधी की प्राथमिकता बीजेपी और एनडीए को रोकना है

पप्पू यादव यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की प्राथमिकता बीजेपी और एनडीए को रोकना है. इसको लेकर बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. इसलिए कांग्रेस की तरफ से वो भी मुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरे हो सकते हैं.

क्या महागठबंधन एकजुट है?

बिहार में जहां राष्ट्रीय जनता दल (राजद) हमेशा से बड़े भाई की भूमिका में रहता है. वहां अब राजद के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर महागठबंधन के नेता के द्वारा सवाल खड़े करना एक बड़ी राजनीतिक घटना है. जहां राजद के नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में जनता को परोस रहे हैं. तो वहीं अब पप्पू यादव के द्वारा उनकी तैयारियों पर पानी फेरना यह दिखाता है कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. ये हो सकता है कि कांग्रेस राजद पर दबाव की नीति अपना रही हो. जिससे उसे टिकट बंटवारा में कुछ फायदा हो सके.

पप्पू यादव नहीं हैं मुख्यमंत्री पद के दावेदार

पप्पू यादव ने यहां ये जरूर स्पष्ट किया है कि वो खुद मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि अभी कांग्रेस ने भी तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं माना है. इसपर सिर्फ राहुल गांधी का निर्णय ही अंतिम माना जाएगा.

ये भी पढ़ें- बिहार में नहीं थम रहा अपराध! कई दिनों से लापता ICICI बैंक मैनेजर का कुएं में पड़ा मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

महागठबंधन में नहीं चल रहा ‘सब ठीक’

जानकारों का मानना है कि महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. एक तरफ पप्पू यादव का तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं मानना और कुछ ही दिनों पहले पप्पू यादव को मंच साझा करने से रोकना, ये बताने के लिए काफी है कि महागठबंधन में सबकुछ सही नहीं चल रहा है.

दरअसल 9 जुलाई को पटना में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने चक्का जाम का नेतृत्व किया था. इस दौरान कांग्रेस के नेता कन्हैया कुमार और सांसद पप्पू यादव को ना सिर्फ मंच पर चढ़ने से रोक दिया गया. बल्कि कुछ मीडिया चैनलों में बताया गया कि पप्पू यादव के साथ वहां दुर्व्यवहार भी किया गया. अब पप्पू यादव उसी अपमान का बदला ले रहे हैं.

राजद और कांग्रेस में गहरा रहे मतभेद

पप्पू यादव कांग्रेस की तरफ से जिस हिसाब से बैटिंग कर रहे हैं. आने वाले समय में कांग्रेस और राजद के बीच मतभेद और गहरे हो सकते हैं. जहां पप्पू यादव ने तेजस्वी को सीएम का चेहरा मानने से इनकार कर दिया और कांग्रेस का सीएम फेस सामने किया. वहीं राजद ने पप्पू यादव के इस बयान को निजी बताकर पल्ला झाड़ लिया है.

जानकारों का कहना है कि अगर कांग्रेस इसी तरह बैकडोर से गुगली फेंककर, तेजस्वी यादव की उम्मीदवारी को नकारती रही, तो महागठबंधन की एकता ही खतरे में पड़ जाएगी. पप्पू यादव का यह सियासी रुख बिहार की राजनीति में नया मोड़ लाने की क्षमता रखता है. अब देखना होगा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इसपर क्या निर्णय लेते हैं.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

Recent Posts

आज बन रहा है शक्तिशाली सिद्ध योग और भद्रा का साया! जानें आज का सही पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

31 अक्टूबर 2026, शनिवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और सिद्ध योग का…

36 minutes ago

सिद्ध योग से राशियों पर बरसेगा छप्परफाड़ धन: सिंह-धनु को मिलेगा जबरदस्त लाभ, मेष वाले रहें सावधान

31 अक्टूबर 2026 को सिद्ध योग के प्रभाव और शनिवार के विशेष संयोग में सिंह,…

50 minutes ago

200 करोड़ के सुकेश चंद्रशेखर ठगी मामले में नोरा फतेही को समन, 2 नवंबर को कोर्ट में गवाही देने के निर्देश

200 करोड़ रुपये के सुकेश चंद्रशेखर ठगी मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री…

9 hours ago

क्या अमित शाह ने यूपी में योगी के नेतृत्व पर लगा दी है मुहर? समझिए पूरा समीकरण

अमित शाह के लखनऊ दौरे और प्रदेश कार्यसमिति बैठक के बाद साफ है कि यूपी…

9 hours ago

DHFL घोटाला: राऊज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला, सीबीआई की चार्जशीट संशोधन की अर्जी निरस्त

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने DHFL घोटाले के मुख्य आरोपी वधावन बंधुओं पर अतिरिक्त…

9 hours ago