Bihar prohibition department team attack: बिहार में पूर्ण शराबबंदी को लागू कराने निकली मद्य निषेध विभाग की टीम पर शराब माफियाओं द्वारा जानलेवा हमला करने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. सूबे के पालीगंज अनुमंडल इलाके में मंगलवार की देर रात गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करने गई विशेष टीम पर हथियारबंद अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी. अपराधियों द्वारा चलाई गई गोलियां पुलिस की सरकारी स्कॉर्पियो गाड़ी के गेट के शीशों को बेधती हुई आर-पार निकल गईं.
इस खौफनाक हमले में गाड़ी में बैठे होमगार्ड के जवान और हिरासत में लिए गए आरोपी बाल-बाल बच गए. आधी रात को हुई इस ताबड़तोड़ गोलीबारी से पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया है और पुलिस महकमे में हड़कंप देखा जा रहा है. आइए जानते हैं इस खौफनाक वारदात की पूरी इनसाइड स्टोरी.
पालीगंज अनुमंडल के मद्य निषेध विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वैद्यनाथ यादव से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात विभाग को इनपुट मिला था कि इलाके में शराब का बड़ा धंधा चल रहा है. इस गुप्त सूचना के आधार पर मद्य निषेध विभाग की एक विशेष टीम तीन अलग-अलग सरकारी वाहनों में सवार होकर पूरी तैयारी के साथ छापेमारी के लिए निकली थी.
बता दें कि टीम ने सबसे पहले महराजगंज मुसहरी इलाके में घेराबंदी कर जोरदार छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मौके से पांच शराबियों को रंगेहाथ धर दबोचा और उन्हें कानूनी कार्रवाई के लिए अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठा लिया.
असली ड्रामे की शुरुआत तब हुई जब टीम उन पांचों शराबियों को हिरासत में लेकर मद्य निषेध थाना पालीगंज की ओर वापस लौट रही थी. पुलिस की गाड़ियां जैसे ही मुख्य मार्ग पर स्थित अख्तियारपुर पुल के पास पहुंचीं, वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे हथियारबंद बदमाशों ने पुलिस के वाहन को निशाना बनाना शुरू कर दिया. बदमाशों ने स्कॉर्पियो गाड़ी को रुकवाने की नियत से उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग झोंक दी. अचानक हुए इस भीषण हमले से पुलिस टीम और गाड़ी के भीतर बैठे लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
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अपराधियों का दुस्साहस (Bihar prohibition department team attack) इतना बड़ा था कि उनके द्वारा चलाई गई एक गोली स्कॉर्पियो के दाहिने गेट के शीशे में सीधे छेद करते हुए बाएं गेट के शीशे को तोड़कर बाहर निकल गई. इस जानलेवा हमले के वक्त गाड़ी में पांचों आरोपियों के साथ होमगार्ड का जवान प्रिंस कुमार मिश्रा भी बैठा हुआ था, जो बिल्कुल बाल-बाल बच गया.
अगर गोली एक इंच भी इधर-उधर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. गाड़ी में मौजूद होमगार्ड जवान प्रिंस ने बताया कि हमलावर अपराधी बेहद आक्रामक थे और वे पुलिस की गाड़ी पर गोलियां बरसाकर हिरासत में लिए गए अपने साथियों को छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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