देश

12-13 सितंबर तो बस शिखर है; जनवरी से लेकर सितंबर के बाद तक, BRICS पर समझिए भारत का पूरा रोडमैप

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन जारी है. समूचे विश्व का ध्यान भारत की ओर टिका हुआ है. यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलचल केवल 12 और 13 सितंबर के दो दिनों की कहानी नहीं है. असलियत इसके बिल्कुल उलट है. भारत की अध्यक्षता में हो रहा यह ऐतिहासिक सम्मेलन कोई अचानक आयोजित हुआ कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे आठ महीने से अधिक समय तक चौबीसों घंटे चली गंभीर कूटनीति, दर्जनों मंत्री-स्तरीय सम्मेलनों, तकनीकी कार्यदलों और देश के अलग-अलग राज्यों व शहरों में हुए सघन विचार-विमर्श का शिखर है.

दिल्ली के भारत मंडपम में जुटे वैश्विक नेताओं की यह बैठक वास्तव में जनवरी 2026 से चल रहे एक विस्तृत और बहुपक्षीय रोडमैप का मुख्य केंद्र है, जिसका असर 13 सितंबर के बाद भी जारी रहने वाला है. आइये जानें क्या है ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का पूरा कैलेंडर

दिल्ली में महामंथन का मुख्य केंद्र (18th BRICS Summit Schedule)

सितंबर का यह दूसरा सप्ताहांत ब्रिक्स कूटनीति के लिए सबसे निर्णायक और ऐतिहासिक पड़ाव है. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मुख्य बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जहाँ सदस्य देशों के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर अंतिम सहमति बना रहे हैं. इसके साथ ही भारत मंडपम में आधुनिक तकनीक और नवाचार को प्रदर्शित करने वाली डीप-टेक प्रदर्शनी भी इसी समय अपने अंतिम चरण में संपन्न हो रही है.

शिखर सम्मेलन
कार्यक्रम का नाम तारीख स्थान
कर विभाग प्रमुखों और विशेषज्ञों की बैठक 21 से 24 सितंबर 2026 आगरा
विज्ञान एवं शोध भंडार पर नई पहल 21 सितंबर 2026 वर्चुअल
सुपरकंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) बैठक 24 से 25 सितंबर 2026 गोवा
पदार्थ विज्ञान और नैनो तकनीक कार्यदल बैठक 28 से 30 सितंबर 2026 बेंगलुरु

शिखर बैठक के बाद भी जारी रहेगा रोडमैप (BRICS Event Calendar 2026)

शिखर बैठक संपन्न होने और राष्ट्राध्यक्षों की रवानगी के साथ ही ब्रिक्स का कूटनीतिक अभियान समाप्त नहीं हो जाता. 13 सितंबर के बाद का समय लिए गए बड़े निर्णयों को धरातल पर उतारने और तकनीकी साझेदारियों को आगे बढ़ाने का होगा. सितंबर के तीसरे और चौथे सप्ताह में कराधान व्यवस्था, वैज्ञानिक शोध, सुपरकंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नैनो तकनीक जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण विषयों पर ब्रिक्स कार्यदलों की गहन बैठकें तय हैं.

पोस्ट-समिट
कार्यक्रम का नाम तारीख स्थान
कर विभाग प्रमुखों और विशेषज्ञों की बैठक 21 से 24 सितंबर 2026 आगरा
विज्ञान एवं शोध भंडार पर नई पहल 21 सितंबर 2026 वर्चुअल
सुपरकंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) बैठक 24 से 25 सितंबर 2026 गोवा
पदार्थ विज्ञान और नैनो तकनीक कार्यदल बैठक 28 से 30 सितंबर 2026 बेंगलुरु

8 महीने की जमीन और दर्जनों शहरों का सफर (BRICS Sherpa Meeting Delhi)

दिल्ली शिखर सम्मेलन की भव्यता के पीछे जनवरी 2026 से लेकर सितंबर के पहले हफ्ते तक चली निरंतर जमीनी तैयारी रही है. जनवरी में भारत की अध्यक्षता के लोगो और वेबसाइट के अनावरण के साथ शुरू हुआ यह सफर देश के कई बड़े शहरों से होकर गुजरा. जयपुर में वित्त और व्यापार, चंडीगढ़ में स्वास्थ्य, वाराणसी में संस्कृति, हैदराबाद में रोजगार, बेंगलुरु में अंतरिक्ष और पुणे में संचार जैसे अहम क्षेत्रों पर रूपरेखा तैयार की गई, जिसने इस शिखर सम्मेलन की मजबूत नींव रखी.

प्री-समिट
कार्यक्रम का नाम तारीख स्थान
ब्रिक्स 2026 वेबसाइट और लोगो की शुरुआत 13 जनवरी 2026 नई दिल्ली
पहली शेरपा और उप-शेरपा बैठक 9 से 11 फरवरी 2026 नई दिल्ली
विदेश मंत्रियों की मुख्य बैठक 14 से 15 मई 2026 नई दिल्ली
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक 22 से 23 जून 2026 नई दिल्ली
ऊर्जा मंत्रियों का सम्मेलन 25 से 26 जून 2026 गुरुग्राम
श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक 15 से 16 जुलाई 2026 हैदराबाद
स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक 23 से 24 जुलाई 2026 चंडीगढ़
व्यापार एवं उद्योग मंत्रियों की बैठक 6 से 7 अगस्त 2026 जयपुर
वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक 12 से 13 अगस्त 2026 जयपुर
पर्यावरण मंत्रियों की बैठक 18 अगस्त 2026 नई दिल्ली
युवा सम्मेलन एवं युवा परिषद बैठक 19 से 20 अगस्त 2026 गांधीनगर
मुख्य न्यायाधीशों का सम्मेलन 4 से 6 सितंबर 2026 नई दिल्ली
तीसरा शेरपा सम्मेलन 6 से 10 सितंबर 2026 वर्चुअल
ब्रिक्स व्यापार परिषद और महिला व्यापार मंच 10 से 11 सितंबर 2026 नई दिल्ली

बदलावों का ठोस आधार (India BRICS Chairship 2026)

वैश्विक मंच पर दर्ज यह पूरा कैलेंडर साबित करता है कि बहुपक्षीय कूटनीति केवल एक साझा घोषणापत्र या औपचारिक फोटो सेशन भर नहीं होती. भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स 2026 यह स्पष्ट करता है कि जब विभिन्न मंत्रालयों का समन्वय, महीनों की निरंतर तैयारी और वैश्विक दृष्टिकोण एक साथ मिलते हैं, तब जाकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नीतिगत बदलावों का ठोस आधार तैयार होता है. यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि नई दिल्ली की कूटनीतिक धमक केवल दो दिनों की चमक नहीं, बल्कि साल भर की सुनियोजित रणनीति का परिणाम है.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

Recent Posts

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में बड़ी कामयाबी: ‘संतुलित कैंटिलीवर विधि’ से साबरमती नदी पर बना बेहद अहम ब्रिज

Bullet Train India: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के तहत साबरमती नदी पर 12 मंजिल ऊंचा…

20 minutes ago

‘नमाज के बहाने उठा, फिर…’ कैप्टन स्मित की जुबानी कॉकपिट अटैक की पूरी कहानी, जानिए क्या-क्या हुआ?

Captain Smit Machchhar: कैप्टन स्मित मछार ने नेतन्याहू से बातचीत मेंफ्लाईदुबई FZ1073 के कॉकपिट हमले…

53 minutes ago

‘मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित था जीवन…’: श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर पीएम मोदी ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती…

55 minutes ago

BIGG BOSS में छलका सलमान खान का दर्द, बताया कैसे एक कोर्ट केस से बिगड़ी पूरी छवि: देखें VIDEO

Salman Khan Controversy: सलमान खान ने बिग बॉस में खुलासा किया कि कोर्ट केस और…

2 hours ago

शिष्य की मौत के 9 दिन बाद प्रेमानंद महाराज ने तोड़ी चुप्पी! कहीं ये बड़ी बात

Premanand Maharaj Ashram Case: शिष्य दीपक लोधी की मौत के 9 दिन बाद प्रेमानंद महाराज…

3 hours ago