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BRICS

BRICS देशों के केंद्रीय बैंक गवर्नर और वित्त प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कोटा और वोटिंग अधिकारों में तत्काल सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में वाजिब प्रतिनिधित्व मिल सके.

ISRO BRICS Satellite: ISRO और BRICS स्पेस एजेंसियां एक नए वर्चुअल सैटेलाइट नेटवर्क पर काम कर रही हैं. जानिए यह नया उपग्रह नेटवर्क पृथ्वी की निगरानी और आपदा प्रबंधन में कैसे मददगार साबित होगा.

BRICS Payment System: क्या BRICS का नया पेमेंट सिस्टम SWIFT और डॉलर के दबदबे को चुनौती दे पाएगा? जानिए इसके फायदे, खतरे और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर.

PM Modi’s 10-Point Global Governance: पीएम मोदी का 10-सूत्रीय ब्रिक्स प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तत्काल सुधार, ग्लोबल साउथ के बड़े प्रतिनिधित्व और वैश्विक शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग करता है.

PM Modi BRICS Diplomacy: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर चीन सरकार का मुखपत्र कहे जाने वाले ग्लोबल टाइम्स ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक भूमिका की सराहना की है. अखबार ने कहा कि नई दिल्ली शिखर सम्मेलन ने ब्रिक्स सहयोग को नई दिशा दी है.

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समापन हो गया. समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा क‍ि 'ब्रिक्स' सिर्फ देशों का समूह नहीं बल्कि समाधान का इकोसिस्टम है. उन्‍होंने उम्मीद जताई कि 'नई दिल्ली डिक्लेरेशन' साझा विजन को नई दिशा देगा.

ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होने पर, भारत की 'ह्यूमैनिटी फर्स्ट' (मानवता सर्वोपरि) थीम लचीलेपन, नवाचार, आपसी सहयोग और सतत विकास पर केंद्रित एक मजबूत रोडमैप पेश करती है.

BRICS नाम की शुरुआत किसी राजनीतिक संधि से नहीं, बल्कि अर्थशास्त्री जिम ओ’नील की 2001 की रिसर्च रिपोर्ट से हुई थी. BRIC में ब्राजील, रूस, भारत और चीन शामिल थे, जबकि 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से इसका नाम BRICS हो गया.

BRICS Summit 2026: दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन चल रहा है. देखिये 12-13 सितंबर की मुख्य बैठकों से पहले और बाद का पूरा कैलेंडर. जानिए जनवरी से सितंबर तक कैसे तैयार हुआ भारत का ऐतिहासिक मंच?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौर में भारत की विदेश नीति का सबसे अहम पहलू ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ और ‘मल्टी-अलाइनमेंट’ है. भारत एक ओर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत में सहयोग बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर रूस, चीन और ग्लोबल साउथ के साथ BRICS जैसे मंचों पर भी सक्रिय है.