चंडीगढ़: चंडीगढ़ ग्रेनेड ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 16 स्थानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई मामले में आतंकी कनेक्शन और नेटवर्क का पता लगाने के उद्देश्य से की गई है. जांच एजेंसी को संदेह है कि इस हमले में आतंकी संगठनों का हाथ हो सकता है, और उनके स्लीपर सेल इन तीन राज्यों में सक्रिय हो सकते हैं.
NIA के अनुसार, यह छापेमारी मामले से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों और उनके संभावित सहयोगियों को पकड़ने और उनके ठिकानों की तलाशी लेने के लिए की गई. NIA ने ग्रेनेड हमले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज़, संदिग्ध सामान और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी जब्त किए हैं. सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की गई है, जो आतंकी गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं.
चंडीगढ़ में हुए इस ग्रेनेड हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया था. प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि यह हमला देश में अस्थिरता फैलाने और भय का माहौल बनाने के लिए किया गया था. मामले में आतंकी समूहों के स्लीपर सेल के शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है, जो भारत में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.
एनआईए ने पंजाब में अमृतसर, जालंधर और लुधियाना जैसे शहरों में, उत्तर प्रदेश में सहारनपुर और मेरठ में, और उत्तराखंड में देहरादून व आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी की. यह छापेमारी संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल को बेनकाब करने और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से की गई थी.
NIA ने कहा कि छापेमारी के दौरान मिली सामग्री और जानकारी की गहन जांच की जा रही है. यह कार्रवाई उन आतंकियों और उनके सहयोगियों को पकड़ने के लिए की जा रही है, जो सीमा पार से निर्देशित होकर भारत में आतंकी गतिविधियां कर रहे हैं.
एनआईए की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद और उससे जुड़े नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़ी गिरफ्तारियां और खुलासे हो सकते हैं.
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल ग्रेनेड ब्लास्ट मामले में ठोस सबूत मिलने की उम्मीद है, बल्कि आतंकी नेटवर्क की जड़ें कमजोर करने में भी मदद मिलेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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