भूटान की अपनी अधिकारिक यात्रा के दौरान भारत के चीफ जस्टिस बीआर गवई (CJI BR Gavai) ने 25 अक्टूबर को भूटान के महामहिम राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक और 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग तोबगे के साथ बैठकें कीं. इन बैठकों के दौरान जस्टिस बीआर गवई ने दोनों देशों की न्यायपालिकाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई.
सीजेआई गवई ने टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, कैपेसिटी बिल्डिंग और नॉलेज एक्सचेंज के क्षेत्रों में भूटानी न्यायपालिका को सपोर्ट देने के लिए भारतीय न्यायपालिका की तत्परता भी व्यक्त की.
चीफ जस्टिस गवई ने JSW स्कूल ऑफ लॉ के छात्रों और फैकल्टी के साथ भी विस्तार से बातचीत की. इस कार्यक्रम में उनकी रॉयल हाईनेस राजकुमारी सोनम डेचेन वांगचुक और भूटान के चीफ जस्टिस, जस्टिस नोर्बू त्शेरिंग भी मौजूद थे. छात्रों को संबोधित करते हुए, चीफ जस्टिस ने कानूनी शिक्षा में करुणा, ज्ञान और नैतिक जिम्मेदारी के मूल्यों पर जोर दिया.
भारत और भूटान के बीच स्थायी संबंधों को आगे बढ़ाते हुए CJI ने घोषणा की कि भारत के सुप्रीम कोर्ट में लॉ क्लर्क के दो पद हर साल भूटान के लॉ ग्रेजुएट को दिए जाएंगे. यह दोनों देशों की न्यायपालिकाओं के बीच अकादमिक जुड़ाव और प्रोफेशनल सहयोग को मजबूत करने की चल रही पहल का हिस्सा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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