बिहार में उद्योगों का ‘बिग बूम’
Nitish Kumar Cabinet Meeting: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद विकास और रोजगार को सबसे बड़ी प्राथमिकता मानते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं. सरकार का पूरा ध्यान युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने, उद्योगों को गति देने और तकनीक आधारित नए इकोनॉमिक मॉडल को खड़ा करने पर है. 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार ने 25 नवंबर 2025, मंगलवार को अपनी कैबिनेट की पहली बैठक की है. इसमें 8 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है.
कैबिनेट की ब्रिफिंग खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar First Cabinet Meeting) ने की है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसलों की जानकारी दी है. बिहार की पहले कैबिनेट बैठक में 8 फैसले हुए. इसमें विकास के साथ रोजगार और युवा उत्थान के फैसलों पर मुहर लगाई गई है. आइये जानें क्या-क्या फैसले हुए हैं?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पोस्ट में लिखा- राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, ये शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है. सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है. अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
राज्य सरकार ने बताया कि उसका सबसे पहला लक्ष्य युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है. सरकार ने स्पष्ट किया कि बिहार की प्रगति में युवा शक्ति सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी और इसी दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं.
नई सरकार ने बिहार में प्रौद्योगिकी और सेवाओं पर आधारित न्यू ऐज इकोनॉमी (New Age Economy) विकसित करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. सरकार का कहना है कि बिहार की बड़ी युवा आबादी इस मॉडल को सफलता दिलाने की सबसे बड़ी ताकत बनेगी.
टेक्नोलॉजी सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार ने कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है. इनके माध्यम से लाखों रोजगार सृजित होने और बिहार में औद्योगिक माहौल मजबूत होने की उम्मीद है.
राज्य में पुरानी और बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने तथा नई चीनी मिलों की स्थापना पर भी सरकार ने नीति तैयार कर ली है. चीनी उद्योग को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए सरकार ने कहा कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा किया जा सकता है.
राज्य की प्रमुख शहरों को आधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए सरकार ने Bihar AI Mission शुरू करने का निर्णय लिया है. इनके लिए व्यापक रणनीति तैयार होगी. इसके लिए नए तकनीकी समाधान, स्मार्ट सिटी मॉडल और भविष्य की डिजिटल सेवाओं पर काम किया जाएगा.
उद्योग और रोजगार से जुड़े सभी बड़े प्रोजेक्ट और योजनाओं के लिए आज मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी गई है. यह समिति उद्योगों को बढ़ावा देने, रोजगार बढ़ाने, योजनाओं का क्रियान्वयन, और अनुश्रवण की जिम्मेदारी संभालेगी.
सरकार ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में औद्योगीकरण ने रफ्तार पकड़ी है. अब बिहार को बड़े पैमाने पर उद्योग लगाने के लिए तैयार राज्य बनाते हैं. उसके लिए कुछ बिंदुओं पर काम किया जाएगा.
अंत में CM Nitish Kumar ने दोहराया कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार को पूरी तरह नई विकास रफ़्तार देने का लक्ष्य है. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम जो काम शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं. इसी संदेश के साथ सरकार ने अपने नए मिशन की रूपरेखा पेश कर रही है. अगले 5 वर्षों में रोजगार-सृजन पर विशेष फोकस होगा.
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