मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि सावन मास के पावन अवसर पर शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा करने वाली कांवड़ शिविर समितियों को आवश्यक अनुमति व उनकी समस्याओं का समाधान सिंगल विंडो सिस्टम से होगा. सरकार इन समितियों को बिजली, पानी, दवाएं, सफाई आदि की सुविधा दिलवाने में भरपूर सहायता करेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार अपने मंत्रियों, जिला विकास समिति (डीडीसी) के चेयरमैनों व डीएम के माध्यम से कांवड़ शिविरों की निगरानी करेगी. उन्होंने कहा कि शिवभक्तों के पांव में एक कंकड़ भी न चुभे, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है. कांवड़ यात्रा आस्था, श्रद्धा और अनुशासन का पर्व है और इसे सुगम बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी.
CM Rekha Gupta ने दिल्ली में लगने वाले कांवड़ शिविरों के पदाधिकारियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं व दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा की. बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, कपिल मिश्रा, जिला विकास समिति के चैयरमेन, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, डीएम, अग्निशमन, बिजली विभाग, दिल्ली नगर निगम व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
कांवड़ शिविर पदाधिकारियों की समस्याओं और दिक्कतों पर मुख्यमंत्र रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बार आपको किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी, जैसा पूर्ववर्ती सरकार के समय में हुआ करती थी. आप लोगों ने बताया कि पहले आपको अनेक प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जबकि करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे थे. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार कांवड़ शिविरों की सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेती है. हम सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए आपकी समस्याओं को सुलझाएंगे ताकि शिविर लगाने और वहां दी जाने वाली सुविधा में किसी प्रकार की बाधा न आए. उन्होंने कहा कि डीडीसी के चेयमरमैन व डीएम समस्याओं को हल करने में आपकी हर तरह से मदद करेंगे. इसके अलावा सरकार के मंत्री पूरी व्यवस्था की निगरानी करेंगे और किसी प्रकार की दिक्कतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ शिविरों में चिकित्सा सेवा, दवाएं, बिजली का कनेक्शन, पानी, सफाई, शौचानय, अग्निशमन व सुरक्षा व्यवस्था, सुचारू यातायात व्यवस्था आदि सुविधाएं दिलाने में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी. उन्हें आवश्यक अनुमति भी सिंगल विंडो सिस्टम से उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री ने समिति पदाधिकारियों से कहा कि आप अन्य समस्याएं भी बताएंगे, हम उसका समाधान करने की कवायद करेंगे. हम पूरे सिस्टम को पारदर्शी बनाएंगे ताकि कांवड़ शिविरों को सरकार का पूरा लाभ मिले.
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की एक प्रमुख धार्मिक परंपरा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं. लाखों कांवड़ श्रद्धालु दिल्ली से गुजरकर दूसरे राज्यों की ओर जाते हैं. दिल्ली में उनके स्वागत और प्रवास के लिए विभिन्न इलाकों में कांवड़ शिविर लगाने की परंपरा सालों से चल रही है. कांवड यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो जाएगी.कांवड़ समितियों की समस्याओं का समाधान ‘सिंगल विंडो’ से होगा
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-भारत एक्सप्रेस
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