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CMD उपेन्द्र राय ने 3 बार के ग्रेमी अवार्ड विजेता रिकी केज को किया सम्मानित, संगीत और पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

भारत साहित्य महोत्सव 2026 में संस्कृति, चेतना और उत्सव का एक मार्मिक क्षण देखने को मिला, जब भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय ने ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज को संगीत में उनके असाधारण योगदान और पर्यावरण जागरूकता के लिए उनके अटूट वैश्विक समर्थन के लिए सम्मानित किया.  इस मौके पर भारत लिटरेचर फेस्टिवल की डायरेक्टर दीपाली वशिष्ठ भी मौजूद रहीं.

कौन हैं रिकी केज?

रिकी केज (Ricky Kej) भारत में जन्मे एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध संगीतकार, पर्यावरण कार्यकर्ता और ग्रैमी अवॉर्ड विजेता हैं. वे ऐसे दुर्लभ कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय संगीत परंपराओं को वैश्विक मंच पर आधुनिक और पर्यावरणीय संदेशों के साथ प्रस्तुत किया है.

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

रिकी केज का जन्म भारत में हुआ. बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी रुचि थी. औपचारिक संगीत शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने तकनीक और साउंड इंजीनियरिंग में भी दक्षता हासिल की. आगे चलकर वे अमेरिका चले गए, जहाँ उन्होंने अपने संगीत करियर को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई.

संगीत यात्रा

रिकी केज का संगीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें प्रकृति, मानवता और पृथ्वी के संरक्षण का गहरा संदेश छिपा होता है. वे पश्चिमी शास्त्रीय संगीत, इलेक्ट्रॉनिक म्यूज़िक और भारतीय लोक व शास्त्रीय ध्वनियों का अनोखा संगम प्रस्तुत करते हैं.

ग्रैमी अवॉर्ड

रिकी केज को 3 बार ग्रैमी अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. उनका एल्बम Winds of Samsara ग्रैमी जीतने वाला पहला भारतीय मूल का न्यू-एज एल्बम माना जाता है. इसके बाद भी उन्होंने पर्यावरण और शांति आधारित संगीत रचनाओं के लिए ग्रैमी अवॉर्ड जीते.

यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय संगीतकारों में शामिल करती है.

पर्यावरण संरक्षण में भूमिका

रिकी केज केवल संगीतकार नहीं, बल्कि एक सक्रिय पर्यावरण कार्यकर्ता भी हैं. वे संयुक्त राष्ट्र (UN) और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पर्यावरण संरक्षण के लिए संगीत के माध्यम से जागरूकता फैलाते रहे हैं. उनका मानना है कि संगीत लोगों के दिलों को छूकर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगा सकता है.

भारत से गहरा जुड़ाव

अंतरराष्ट्रीय सफलता के बावजूद रिकी केज भारत से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं. वे भारतीय संस्कृति, प्रकृति और परंपराओं को अपनी रचनाओं में प्रमुखता से स्थान देते हैं. अक्सर वे कहते हैं कि उनकी प्रेरणा भारतीय दर्शन और “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना से आती है.

बता दें कि, राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क पार्टनर है.

-भारत एक्सप्रेस

 


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रिकी केज ने क्या कहा?

-भारत एक्सप्रेस

Bharat Express Desk

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