Operation Sindoor: पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने अपने 26 निर्दोष लोगों की मौत का बदला ले लिया है. बुधवार रात डेढ़ बजे इंडियन आर्मी ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पीओके के 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए. आपको बता दें की बहावलपुर एयर स्ट्राइक में 90 लोगों की मौत हुई है. वहीं इस हमले के बाद कांग्रेस के नेताओं ने मोदी सरकार से हिसाब मांगना शुरू कर दिया है.
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, “इससे भी कड़ा और मजबूत जवाब दिया जाना चाहिए था, जो हुआ वह बहुत ही न्यूनतम है. हमारी सेना ने वही किया जो भारत सरकार ने उन्हें निर्देशित किया। लेकिन सवाल फिर भी बना हुआ है क्या इस कार्रवाई से हर एक आतंकवादी मारा गया? क्या अब फिर कभी पहलगाम जैसा हमला नहीं होगा? इसके आगे उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि आतंकियों की बची हुई जमीन भी खत्म कर दी जाएगी. अगर वाकई ऐसा हुआ है, तो यह अच्छी बात है.”
कांग्रेस नेता अल्वी ने आगे कहा कि इससे ज्यादा जवाब देना जरूरी है. यह कम से कम है. हमारी फौज ने तो वो किया जो भारत सरकार ने कह दिया. जितना ऑब्जेक्ट उनको दिया गया उन्होंने पूरा कर दिखा दिया. फिर वहीं सवाल उठता है कि क्या चुन-चुन कर आतंकवादियों को मार दिए गए. दोबारा तो पहलगाम नहीं होगा. हर कुछ दिन के बाद कुछ न कुछ हो जाता है.
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उन्होंने मोदी सरकार से हमले का हिसाब मांगते हुए कहा कि यह ऐसा मौका है इस मौके पर प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा था कि हम आतंकियों की बची हुई जमीन खत्म कर देंगे, हम उनके आकाओं को खत्म कर देंगे. अगर ऐसा हुआ है तो बहुत अच्छा है. हम तो सिर्फ प्रधानमंत्री से पूछते हैं कि जो आपने कहा था क्यो वो पूरा हो गया.
वहीं पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना की ओर से 2016 में पाकिस्तान में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बार बार सबूत मांगने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सासंद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी ऑपरेशन सिंदूर के लिए भारतीय सेना को बधाई दी है उन्होंने अपने सोशल मीडिया पेज पर जय हिंद लिखा है. उन्होंने 2 मई को बयान में कहा था कि हमारे देश में कोई बम गिरे तो हमें पता नहीं चलेगा? मैं तो सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत हमेशा मांगता रहा हूं.
भारत ने जिन 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया, उनमें से 4 पाकिस्तान में थे और 5 पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में. इन कैंपों में आतंकियों को ट्रेनिंग देने के लिए पाकिस्तानी सेना और ISI ने अपने स्पेशल फोर्स SSG की मदद ली थी. साथ ही, उन्हें हथियार और दूसरी जरूरी चीजें भी मुहैया कराई गई थीं.
-भारत एक्सप्रेस
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