दिल्ली के उप मुख्यमंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछले 10 सालों में अधिकारियों की “चर्बी मोटी हो गई है” और अब उन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है ताकि काम हो सके. उन्होंने साफ किया कि जो अधिकारी काम नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
उन्होंने कहा कि दिल्ली में नालों की कैपेसिटी बढ़ाने का काम किया जा रहा है, क्योंकि बीते 10 सालों में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया. पूरे सिस्टम की हालत खराब हो गई थी, लेकिन अब इसे पटरी पर लाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है.
प्रवेश वर्मा ने बताया कि यूपी और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से बातचीत हुई है, ताकि इंडस्ट्री से निकलने वाला पानी सीधा एसटीपी प्लांट से होकर गुजरे और यमुना में गिरने वाला पानी 100 प्रतिशत ट्रीटेड हो. उन्होंने वादा किया कि वह खुद हर एसटीपी प्लांट की जांच करेंगे और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार हर तीसरे दिन समर एक्शन प्लान की समीक्षा कर रही है. जल्द ही पूरे सिस्टम को ऑनलाइन मॉनिटरिंग से जोड़ा जाएगा. इससे यह पता चलेगा कि कहां सिल्ट जमा है, कितना कचरा डंप यार्ड पर जा रहा है और एसटीपी प्लांट कितना काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अधिकारी मॉनिटरिंग से बचना चाहते हैं, लेकिन अब हर चीज पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी.
प्रवेश वर्मा ने दो टूक कहा कि “यह भारत की राजधानी है और इसे राजधानी जैसा बनाना ही पड़ेगा.” उन्होंने साफ किया कि हमारे लिए जनता का काम सर्वोपरि है और हर हाल में काम होगा.
बता दें कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम से लेकर मंत्री तक खुद सड़कों पर उतर आए हैं और विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र दो दिन बढ़ाया गया है, जो अब 2 अप्रैल तक…
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया. करोड़ों रुपये…
पटना हाईकोर्ट ने बीपीएससी 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को दोबारा आयोजित करने की मांग खारिज कर…
मोहाली की POCSO कोर्ट ने 2018 के जीरकपुर यौन उत्पीड़न और बलात्कार मामले में पादरी…
सीसीएसआई एयरपोर्ट की 33वीं डेस्टिनेशन श्रीनगर के लिए डायरेक्ट फ्लाइट 30 मार्च से. इंडिगो द्वारा…
Muslim Personal Law: AIMPLB ने वक्फ बिल 2024 के विरोध में मुसलमानों से काली पट्टी…