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सवालों के घेरे में दिल्ली की सुरक्षा, 7 महीने में 8 हजार गुमशुदा! नहीं मिला कोई सुराग, राजधानी से आए चौंका देने वाले आंकड़े

Delhi Missing People: देश की राजधानी दिल्ली में आए दिन किसी न किसी के लापता होने की खबर सामने आती रहती है. ऐसे में दिल्ली की सुरक्षा लोगों के दिलों में सवाल लिए बैठी है. इस साल जनवरी से जुलाई तक 7,880 से ज्यादा लोग लापता हो गए हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से किसी का भी अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. ये हैरान कर देने वाले आंकड़े जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क (ZIPNET) से सामने आए हैं.

महिलाएं और पुरुष दोनों लापता (Delhi Missing People)

लापता होने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है, ZIPNET के मुताबिक, 4,753 महिलाएं और 3,133 पुरुष इस दौरान गायब हुए हैं. ये सभी मामले 1 जनवरी 2025 से 23 जुलाई 2025 के बीच दर्ज हुए. दिल्ली के बाहरी उत्तरी जिले में सबसे ज्यादा लापता होने के केस दर्ज किए गए. यहां से कुल 908 लोग लापता हुए हैं। इसमें बवाना, स्वरूप नगर, समयपुर और बादली जैसे इलाके शामिल हैं.

नई दिल्ली जिले में सबसे कम लापता

नई दिल्ली जिले से सबसे कम यानी केवल 85 लोग लापता हुए. यह इलाका हाई सिक्योरिटी ज़ोन माना जाता है. इसमें तिलक मार्ग, चाणक्यपुरी और संसद मार्ग जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके बावजूद यहां से लोगों का गायब होना चिंता का विषय है.

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इन जिलों में भी दर्ज हुए सैकड़ों मामले (Delhi Missing People)

  • उत्तर पूर्वी जिला – 730 मामले
  • दक्षिण पश्चिम जिला – 717 मामले
  • दक्षिण पूर्व जिला – 689 मामले
  • बाहरी जिला – 675 मामले
  • द्वारका – 644
  • उत्तर पश्चिम – 636
  • पूर्वी जिला – 577
  • रोहिणी – 452
  • मध्य जिला – 363
  • उत्तर जिला – 348
  • दक्षिण – 215
  • शाहदरा – 201

अब तक कुल 1,486 अज्ञात शव मिले

इस साल अब तक कुल 1,486 अज्ञात शव मिले हैं. इनमें अधिकतर शव पुरुषों के थे. सबसे ज्यादा शव उत्तरी जिले में बरामद हुए, जिनकी संख्या 352 रही. इसमें कोतवाली, सब्जी मंडी और सिविल लाइंस जैसे इलाके शामिल हैं. इसी तरह मध्य जिले में 113, उत्तर पश्चिम में 93, दक्षिण पूर्व में 83, दक्षिण पश्चिम और उत्तर पूर्व में 73-73, बाहरी में 65, पूर्व और नई दिल्ली में 55-55, पश्चिम और बाहरी उत्तर में 54-54, रोहिणी में 44, शाहदरा में 42, द्वारका में 35, दक्षिण में 26 और रेलवे में 23 शव मिले जिनकी शिनाख्त नहीं हो सकी. इनमें महिलाओं पुरुषों दोनों के शव शामिल हैं.

क्या है ZIPNET?

ZIPNET यानी Zonal Integrated Police Network एक केंद्रीय डेटाबेस है. इसका उपयोग पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों, अज्ञात शवों, चोरी हुए वाहन और मोबाइल फोन की जानकारी जुटाने के लिए करती हैं. यह प्लेटफॉर्म 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का डेटा एक साथ जोड़ता है. ZIPNET की शुरुआत साल 2004 में हुई थी और तब से यह कई मामलों की जांच में मदद करता रहा है. दिल्ली जैसे हाई अलर्ट और सुरक्षायुक्त शहर से हजारों लोगों का लापता हो जाना बेहद गंभीर मामला है. सरकार और प्रशासन को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की जरूरत है ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

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