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नशे के धंधेबाजों से ‘खाकी’ की डील! भिलाई से सामने आया ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल, SSP का चला हंटर

छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई ट्विन सिटी में कानून व्यवस्था के रक्षकों द्वारा ही ‘रक्षक भक्षक’ बनने का एक बेहद शर्मनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल भिलाई-3 और खुर्सीपार थाना क्षेत्र से जुड़े एक गंभीर एनडीपीएस (नार्कोटिक्स) मामले में आरोपी पक्ष को राहत देने और कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर सरेआम रिश्वत मांगने का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया है.

बता दें कि इस ‘ऑडियो ब्लास्ट’ (Durg Police Bribery Audio Case) के बाद पुलिस महकमे में मचे हड़कंप को देखते हुए दुर्ग एसएसपी (SSP) विजय अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो उप निरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर्स) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है.

वायरल ऑडियो ने खोली खाकी की पोल(Durg Police Bribery Audio Case)

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, पूरा विवाद भिलाई-3 थाने में दर्ज नशे के एक केस से जुड़ा है. आरोप है कि इस मामले में फंसे आरोपी पक्ष को छोड़ने और केस को रफा-दफा करने के बदले भिलाई-3 थाने में पदस्थ उप निरीक्षक तुलसीराम साहू ने कथित तौर पर 50,000 रुपये की मोटी घूस मांगी थी.

दरअसल शिकायतकर्ता महिला ने इस पूरी बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और पुलिस के आला अधिकारियों से पैसों के लेन-देन की लिखित शिकायत की. ऑडियो में डील की बातें साफ होने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई.

तुलसीराम और देव लाल साहू दोनों सस्पेंड

एसएसपी विजय अग्रवाल ने खाकी की छवि धूमिल होने पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत ताबड़तोड़ एक्शन लिया है. मामले में मुख्य आरोपी भिलाई-3 के सब-इंस्पेक्टर तुलसीराम साहू के साथ-साथ इस घूसकांड के तार से जुड़े खुर्सीपार थाने के उप निरीक्षक देव लाल साहू को भी तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. एसएसपी के आदेश पर दोनों दागी अधिकारियों को तत्काल पुलिस लाइन अटैच (लाइन हाजिर) कर दिया गया है, जिससे पूरे दुर्ग पुलिस विभाग में भारी खलबली मच गई है.

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छावनी सीएसपी को सौंपी गई महा-जांच

इस हाई-प्रोफाइल घूसकांड (Durg Police Bribery Audio Case) की गहराई से पड़ताल करने के लिए एसएसपी ने विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी छावनी सीएसपी (CSP) को सौंपी गई है. सूत्रों का कहना है कि सीएसपी की टीम वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने के साथ-साथ शिकायतकर्ता महिला और दोनों निलंबित दरोगाओं के कॉल डिटेल्स खंगाल रही है. पुलिस सूत्रों की मानें तो इस जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद कुछ और बड़े पुलिस अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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