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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देशभर में चल रहे फर्जी चीनी लोन ऐप घोटाले के सिलसिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है. इन चारों संदिग्धों को 30 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया. यह घोटाला भारत में कई नागरिकों को अवैध ऋण देकर और मनमाने ढंग से वसूली कर ब्लैकमेल करने से जुड़ा है.
ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:
1. डैनियल सेल्वाकुमार – मेसर्स जोदुज़ सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और मेसर्स टायरानस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के ऑपरेटर.
2. एलन सैमुअल – मेसर्स अप्रीकीवी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक.
3. एंटो पॉल प्रकाश – मेसर्स ग्लोबल एक्सपोजिशन एंड इन्फोमीडिया सॉल्यूशंस के प्रोपराइटर और मेसर्स सोजो टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक.
4. कथिरवन रवि – मेसर्स फ्यूचर विजन मीडिया सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक.
ईडी की जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों के माध्यम से चीनी लिंक वाले फर्जी लोन ऐप्स का संचालन किया जाता था. यह ऐप्स आसान ऋण देने का लालच देकर ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते थे. एक बार जब लोग इन ऐप्स से ऋण लेते, तो इनसे अत्यधिक ब्याज वसूला जाता और समय पर भुगतान न करने पर डराने-धमकाने, निजी डेटा लीक करने और मानसिक प्रताड़ना देने जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया जाता था.
कई पीड़ितों ने शिकायत की थी कि लोन ऐप्स ने उनके फोन में मौजूद कांटेक्ट लिस्ट, गैलरी और अन्य निजी डेटा तक पहुंच प्राप्त कर ली थी. यदि ग्राहक समय पर भुगतान नहीं कर पाता, तो उसकी मॉर्फ्ड तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी जाती या फिर उसके रिश्तेदारों और दोस्तों को अपमानजनक मैसेज भेजे जाते.
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ईडी ने इस घोटाले से जुड़े कई बैंक खातों और कंपनियों की गहन जांच की. यह सामने आया कि ये कंपनियां चीन से जुड़े संगठनों के इशारे पर काम कर रही थीं और देशभर में करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम दे चुकी थीं. इस जांच के तहत विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की गई, जिसमें महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए हैं.
गौरतलब है कि ईडी पहले भी फर्जी लोन ऐप घोटाले में कई गिरफ्तारियां कर चुका है. इस घोटाले में कई विदेशी संगठनों की संलिप्तता का भी संदेह है, जिनकी भूमिका की जांच जारी है.
प्रवर्तन निदेशालय और भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने आम नागरिकों को इस तरह के लोन ऐप्स से सावधान रहने की अपील की है. यदि कोई ऐप बहुत ही आसान शर्तों पर लोन देने का दावा करता है, तो उसे डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है.
ईडी इन गिरफ्तारियों के बाद अब घोटाले के मुख्य सूत्रधारों और विदेशी लिंक की गहन जांच कर रहा है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं.
देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों को देखते हुए सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई कर रही हैं. नागरिकों को भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लोन ऐप से बचने की सलाह दी गई है.
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