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फन्ना बाबू अमर रहे’ के नारों के बीच निकली अंतिम यात्रा, हजारों लोगों ने नम आंखों से दी आखिरी विदाई

Sandalwood Funeral Pyre: ‘फन्ना बाबू’ के नाम से प्रसिद्ध शिवरतन अग्रवाल का अंतिम संस्कार 5 क्विंटल चंदन की लकड़ियों से तैयार चिता पर किया गया. उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और बीकानेर के बाजार भी शोक में बंद रहे. अशोक गहलोत समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. उनकी सादगी और मेहनत से बनाई गई पहचान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी.

74 वर्षीय अग्रवाल का अंतिम संस्कार

राजस्थान के बीकानेर में प्रख्यात उद्योगपति और शिवरतन अग्रवाल उर्फ ‘फन्ना बाबू’ (Fanna Babu) को शुक्रवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई (Indian industrialist funeral). 74 वर्षीय अग्रवाल का अंतिम संस्कार अग्रवाल समाज के श्मशान घाट में हुआ, जहां उनके इकलौते बेटे दीपक अग्रवाल ने उन्हें मुखाग्नि दी.

अंतिम संस्कार के दौरान श्मशान घाट में करीब 5 क्विंटल चंदन की लकड़ियों से विशेष चिता तैयार की गई, जो उनके प्रति लोगों के सम्मान और श्रद्धा को दर्शाती है.

बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे

इससे पहले उनकी अंतिम यात्रा सार्दुलगंज स्थित उनके निवास से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. ‘फन्ना बाबू अमर रहे’ के नारों के बीच यह यात्रा नत्थूसर गेट होते हुए सतीमाता मंदिर के पास स्थित श्मशान घाट पहुंची. शहर के लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे (Public tribute Bikaner).

23 अप्रैल को चेन्नई में हार्ट अटैक

गौरतलब है कि 23 अप्रैल को चेन्नई में हार्ट अटैक (Heart attack death) के कारण उनका निधन हो गया था. उनकी पार्थिव देह गुरुवार रात करीब 9:30 बजे चार्टर प्लेन से बीकानेर लाई गई. इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी अलग-अलग चार्टर विमानों से पहुंचे. उनके निधन के शोक में शुक्रवार दोपहर तक बीकानेर के बाजार बंद रहे.

सादगी लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी

अंतिम यात्रा में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Former Chief Minister Ashok Gehlot) भी शामिल हुए. उन्होंने श्मशान घाट तक साथ चलते हुए अर्थी को कंधा दिया और कहा कि शिवरतन अग्रवाल रिश्ते निभाने वाले और बेहद लोकप्रिय व्यक्ति थे. उन्होंने अपने जीवन में एक ऐसी पहचान बनाई, जो हमेशा याद रखी जाएगी.

सिर्फ आठवीं पास होने के बावजूद शिवरतन अग्रवाल (Shivratn Agrawal) ने मेहनत और लगन से एक ऐसा ब्रांड खड़ा किया, जिसे देश-विदेश में पहचान मिली. ‘फन्ना बाबू’ के रूप में उनकी सादगी और जमीन से जुड़ी छवि हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी.

यह भी पढ़ें: चंदौली में ‘ऑपरेशन लगड़ा’ का असर: 33 केस वाला हिस्ट्रीशीटर मुठभेड़ में दोनों पैरों में गोली लगने के बाद गिरफ्तार!

-भारत एक्सप्रेस 

Shubhra Rai

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