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असाधारण बहादुरी, समर्पण और बलिदान देने वालों के सम्मान में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किए गैलेंट्री अवॉर्ड्स, इनमें 6 कीर्ति चक्र और 33 शौर्य चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2025 के लिए सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य/संघ शासित प्रदेशों की पुलिस के जवानों को कुल 39 वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया. इनमें छह कीर्ति चक्र (चार मरणोपरांत) और 33 शौर्य चक्र (सात मरणोपरांत) शामिल हैं. ये सम्मान उन जवानों को दिए गए जिन्होंने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस, निडरता और सर्वोच्च बलिदान का परिचय दिया.

इस बार सम्मानित वीरों में थल सेना, वायु सेना, नौसेना, CRPF, असम राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस सहित विभिन्न सुरक्षा बलों के अधिकारी और जवान शामिल हैं. इनमें से कई पुरस्कार मरणोपरांत उन शहीदों को समर्पित किए गए जिन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी.

शौर्य चक्र से सम्मानित प्रमुख वीर

शौर्य चक्र से सम्मानित प्रमुख वीरों में मेजर (अब लेफ्टिनेंट कर्नल) विजय वर्मा (राजपूत रेजिमेंट), उप कमांडेंट विक्रांत कुमार और इंस्पेक्टर जेफरी हंगचुलो (CRPF), विंग कमांडर वर्नोन कीन और स्क्वाड्रन लीडर दीपक कुमार (भारतीय वायु सेना) शामिल हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष पुलिस अधिकारी अब्दुल लतीफ, नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर कपिल यादव, और असम राइफल्स के असिस्टेंट कमांडेंट एशेन्थुंग किकॉन को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ.

शौर्य चक्र (मरणोपरांत) के लिए सम्मानित होने वालों में मेजर आशीष ढोंचक, सिपाही परदीप सिंह, हवलदार रोहित कुमार, सीआरपीएफ के जवान पवन कुमार और देवन सी, OEM विजयन कुट्टी जी और कैप्टन दीपक सिंह शामिल हैं. इन वीरों ने उग्रवाद विरोधी अभियानों और उच्च जोखिम वाले मिशनों में सर्वोच्च बलिदान दिया.

कीर्ति चक्र से सम्मानित किए गए मेजर मल्ला

कीर्ति चक्र से सम्मानित किए गए मेजर मल्ला राम गोपाल नायडू (मराठा लाइट इन्फैंट्री) और मेजर मंजित (पंजाब रेजिमेंट) ने ऑपरेशन के दौरान अद्वितीय बहादुरी का परिचय दिया.

कीर्ति चक्र (मरणोपरांत) प्राप्त करने वालों में राइफलमैन रवि कुमार (जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फैंट्री), कर्नल मनप्रीत सिंह (सिख लाइट इन्फैंट्री), डीएसपी हिमायूं मुजम्मिल भट (J&K पुलिस) और नायक दिलवर खान (आर्टिलरी) शामिल हैं.

इन पुरस्कारों के माध्यम से देश ने उन सच्चे नायकों को सलाम किया है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने जीवन को न्यौछावर कर दिया. राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस रक्षा अलंकरण समारोह ने ना केवल वीरता की मिसाल पेश की बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया.

मिताली चंदोला, एडिटर, स्पेशल प्रोजेक्ट्स

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