देश

सड़क चाहिए, खाना चाहिए, शिक्षक चाहिए… 3 शहरों में बच्चों ने उठाई आवाज, अभिजीत दिपके ने किया सलाम

Gen Z- Alpha Protest: देश की नई पीढ़ी अब सिर्फ किताबों और क्लासरूम तक सीमित नहीं रहना चाहती. अपने हक और बेहतर सुविधाओं को लेकर बच्चे भी खुलकर आवाज उठाने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के हमीरपुर, उत्तराखंड के खटीमा और राजस्थान के बांसवाड़ा से सामने आए तीन मामले इसकी साफ तस्वीर पेश करते हैं. स्कूल की सड़क से लेकर खराब भोजन और शिक्षकों की कमी तक, बच्चों ने अपनी समस्याओं के खिलाफ प्रदर्शन किया और प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर किया.

इन बच्चों के हौसले की कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी तारीफ की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अपने भविष्य के लिए लड़ रहे इन बच्चों को उनका सलाम है. उन्होंने सवाल उठाया कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी अगर बच्चे अपने स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क मांग रहे हैं, तो क्या यह इतनी बड़ी मांग है? दिपके ने लोगों से इस 15 अगस्त पर ग्रामीण इलाकों के बच्चों और स्कूलों के लिए काम करने का संकल्प लेने की अपील भी की.

हमीरपुर में 5 किलोमीटर पैदल चले बच्चे

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में चंदूपुर के गंगवा का डेरा और बच्ची का डेरा इलाके के छात्र लंबे समय से खराब रास्ते की परेशानी झेल रहे थे. बारिश के दिनों में रास्ता कीचड़ से भर जाता था, जिससे स्कूल जाना मुश्किल और जोखिम भरा हो जाता था. परेशान छात्रों और ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर पैदल मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया.

मौके पर पहुंचे एडीएम राकेश कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी मिल चुकी है. करीब 1.81 करोड़ रुपये की लागत से जल्द पक्की सड़क बनाने का काम शुरू किया जाएगा.

खटीमा में खाने और गंदगी का मुद्दा

उत्तराखंड के खटीमा स्थित सरकारी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में करीब 400 छात्रों ने खराब भोजन, दूषित पानी और शौचालयों में गंदगी के खिलाफ प्रदर्शन किया. मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचा तो उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल भारती यादव को हटाने का आदेश दिया.


ये भी पढ़ें: आखिर क्या है जस्टिस वर्मा के अधजले नोटों का रहस्य? आज लोकसभा में होगा बड़ा खुलासा


बांसवाड़ा में शिक्षकों के लिए तालाबंदी

राजस्थान के बांसवाड़ा में कुशलगढ़ के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बियापाड़ा के छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया. स्थानीय लोगों ने भी उनका साथ दिया. प्रशासन ने बातचीत के बाद छह शिक्षकों की डेप्युटेशन के आदेश जारी किए, जिसके बाद छात्रों ने ताला खोल दिया. इन तीनों घटनाओं ने दिखाया कि नई पीढ़ी अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने से पीछे नहीं हट रही.

-भारत एक्सप्रेस 

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

Recent Posts

‘आत्मज्ञान से मनुष्य को आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास मिलता है’, प्रधानमंत्री मोदी ने साझा किया सुभाषित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुभाषित साझा…

11 minutes ago

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को लगा 440 वोल्ट का झटका..! संसद के दोनों सदनों में पिछड़ी रिपब्लिकन पार्टी

अमेरिका के 2026 मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिलती दिख…

27 minutes ago

Silver Crash: महीनेभर में 18% धड़ाम हुई चांदी, क्या निवेशकों के लिए यही है खरीदारी का ‘गोल्डन टाइम’?

Silver Crash: चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते निवेशकों के पास निवेश…

55 minutes ago

पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय ने रचा नया इतिहास…! स्थापना के 8 साल में अभूतपूर्व प्रगति पर क्या बोले सीएम फडणवीस?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिंपरी-चिंचवड पुलिस की आधुनिक पुलिसिंग, डिजिटल नागरिक सहभागिता और…

1 hour ago

पाक की बड़ी साजिश? ड्रोन से आरडीएक्स भेजने के बाद अब पटरी उड़ाने की खौफनाक चाल, एजेंसियों के उड़े होश

 Rajasthan News: श्रीगंगानगर के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के 45 मिनट…

1 hour ago

अगले कुछ घंटे 13 राज्यों में मुरासु का कहर…! बारिश का बड़ा अलर्ट, जानें आज के मौसम का हाल

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से दक्षिण भारत समेत देश के 13 राज्यों में हल्की…

2 hours ago