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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन भगदड़ पर हाई कोर्ट का फैसला, हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई नहीं होगी

दिल्ली हाई कोर्ट ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से जुड़े दायर हस्तक्षेप याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जनहित याचिका का दायरा रेलवे अधिनियम तक सीमित है.

साथ ही कोर्ट ने कहा कि जनहित याचिका सामान्य कारणों से दायर की जाती है, इस अर्जी का उस घटना से कोई लेना देना नहीं है कोर्ट ने याचिकाकर्ता को अलग से याचिका दायर करने की छूट भी दे दी है.

टिकट रिफंड और भीड़ नियंत्रण पर सवाल

मुख्य न्यायधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेंडेला की पीठ ने कुछ यात्रियों की ओर से दायर याचिका का निपटारा कर दिया है यात्रियों की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि भगदड़ के दिन ट्रेन छूटने के बाद यात्रियों को टिकट का पैसा वापस नही मिला है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा था कि जब एक कोच में सीमित संख्या में यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है, तो उससे अधिक टिकट क्यों बेचे जाते है इससे पहले दायर अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है,

इसपर अधिकारियों को विचार करने की जरूरत है? हाई कोर्ट ने रेलवे एक्ट को पूरी तरह लागू करने का आदेश दिया है इस पर 26 मार्च को सुनवाई होनी है.

नई दिल्ली स्टेशन भगदड़ में  18 की जान गई

प्रयागराज की ट्रेन पकड़ने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत हो गई है. इनमें से पांच लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हुई है इनमें एक पुरुष और चार महिलाएं शामिल है मृतकों में12 महिलाएं शामिल हैं, तो 4 बच्चों की भी जान चली गई.

भगदड़ में मारे गए बच्चों की उम्र 7 साल से लेकर 15 साल तक की है 18 मृतकों में से 9 की पहचान बिहार के रहने वाले हैं बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और पटना के कई लोगों ने हादसे में अपनी जान गंवा दी है,जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो गए है.

हादसा प्लेटफार्म नंबर 13, 14 और 15 के बीच हुआ महाकुंभ जाने के लिए स्टेशन पर शाम 4 बजे से भीड़ जुटने लगी थी रात को करीब 8:30बजे प्रयागराज जाने वाली 3 ट्रेनें लेट हो गई, जिससे भीड़ बढ़ी चश्मदीद के मुताबिक गाड़ी का प्लेटफार्म नंबर 14 से 16 नंबर बदला गया जिसकी वजह से भगदड़ हो गई.


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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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