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1 बीघा में सेब के पाैधे लगाने के लिए यहां बागवानों को मिल सकते हैं 8 लाख रुपये, सरकार का हाई डेंसिटी खेती को बूस्ट

Himachal Apple Loan Scheme: हिमाचल प्रदेश के बागवान अब आसानी से सेब की उन्‍नत खेती शुरू कर सकेंगे. सरकार ने एक बीघा जमीन पर सेब के पौधे लगाने के लिए आठ लाख रुपये तक का कर्ज देने का ऐलान किया है. यह कर्ज उन बागवानों को मिलेगा, जो हाई डेंसिटी तरीके से सेब उगाना चाहते हैं.

बागवानों को कर्ज कैसे मिलेगा?

यह कर्ज राज्य सहकारी बैंक से मिलेगा. बागवान को पहले तीन साल तक कोई किस्त नहीं भरनी होगी. इसे मोरेटोरियम पीरियड कहा जाता है. तीन साल बाद आसान किस्तों में पैसा लौटाया जा सकेगा. बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह योजना बागवानों को आर्थिक बोझ से बचाएगी.

सेब की हाई डेंसिटी खेती क्या है?

पारंपरिक बागों में कम पौधे लगाए जाते हैं. लेकिन हाई डेंसिटी में ज्यादा पौधे लगाए जाते हैं. वैज्ञानिक तरीके से पानी, खाद और देखभाल की जाती है. इससे कम समय में ज्यादा सेब पैदा होता है और फल भी बेहतर क्वालिटी के मिलते हैं. बागवान जल्दी कमाई शुरू कर पाते हैं.

बागवानी विभाग कैसे करेगा मदद

बागवानी विभाग पौधों की सप्लाई में मदद कर रहा है. मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि अच्छे और सस्ते पौधे लाने के लिए कंपनियों से बात चल रही है. भविष्य में सब्सिडी पर पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे छोटे बागवान भी नई तकनीक अपना सकेंगे.

बागवानों को कितना फायदा होगा

यह योजना बागवानों की आय बढ़ाएगी. हिमाचल में सेब की खेती से कई परिवार जुड़े हैं. नई तकनीक (High Density Apple Planting) से उत्पादन बढ़ेगा और बाजार में बेहतर दाम मिलेंगे. छोटे बागवान भी बड़े स्तर पर खेती कर सकेंगे.

पैसा पाने के लिए कैसे आवेदन करें

बागवान अपने नजदीकी सहकारी बैंक में संपर्क कर सकते हैं. जरूरी दस्तावेज जैसे जमीन के कागजात और पहचान पत्र साथ रखें. विभाग की वेबसाइट या स्थानीय कार्यालय से भी पूरी जानकारी ले सकते हैं.

देश में सेब की खेती कहां होती है?

भारत में सेब की खेती मुख्य रूप से जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में होती है. इन राज्यों की ठंडी पहाड़ियां सेब के लिए सबसे अच्छी हैं. अब नई किस्मों की वजह से मैदानी इलाकों में भी खेती शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी सेब उगाया जा रहा है.

सेब की किस्में और उत्पादन सीजन

देश में सेब की कई किस्में होती हैं. जैसे रेड डिलीशियस, गोल्डन डिलीशियस, रॉयल डिलीशियस, फूजी, ग्रैनी स्मिथ और अंब्री. शुरुआती किस्में अगस्त में, मध्य वाली अगस्त-सितंबर में और देर वाली अक्टूबर-नवंबर में तैयार होती हैं. हिमाचल और कश्मीर में मुख्य उत्पादन अगस्त से नवंबर तक रहता है.

सरकार का लक्ष्य है कि सेब का उत्पादन बढ़े और बागवान आत्मनिर्भर बनें. यह कर्ज योजना हिमाचल को सेब का और मजबूत केंद्र बनाने में मदद करेगी. बागवान इस मौके का फायदा उठाएं और नई खेती शुरू करें.

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Vijay Ram

'भारत एक्सप्रेस' में चीफ सब एडिटर। न्‍यूज वेबसाइट पर एवरग्रीन स्‍टोरीज, क्रिएटिव/स्‍पेशल प्रजेंटेशन, हाइलाइट्स के अगुआ। संस्‍था के शुरुआती दौर से दिन-रात हर मौके पर दम-दिमाग झोंककर स्वयं को तपाया। अब तक 8,000 से ज्‍यादा पोस्ट्स पब्लिश कर चुके, 1K+ बाइलाइन हुईं। 'भारत एक्सप्रेस' के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय जी के प्रोग्राम्स (कॉन्क्लेव), और आर्टिकल्‍स को Bharatexpress.com पर प्रमुखता से कवर करते हैं। जर्नलिज्‍म में इनके 10+ वर्ष बीते। यहां से पहले एबीपी इंटरनेशनल, वनइंडिया हिंदी, राजस्‍थान पत्रिका और भास्कर ग्रुप में सेवा दे चुके। देश-विदेश, सैन्य-रणनीति, स्पेस साइंस, ऑफबीट, धर्म-अध्यात्म की खबरों में रुचि।

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