Independence Day 2025: भारत का राष्ट्रीय ध्वज यानी सिर्फ एक झंडा नहीं बल्कि देश की भावना, संस्कृति और मुल्यों का प्रतीक है. इसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग के साथ बीच में नीले रंग का अशोक चक्र होता है. इन रंगों का ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी खास महत्व है जो देश की सोच और दिशा को दर्शाता है.
केसरिया रंग साहस, बलिदान और ऊर्जा का प्रतीक है. ज्योतिष में इसे मंगल और सूर्य से जोड़ा जाता है. मंगल उत्साह और शक्ति देता है जबकि सूर्य नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक है. यही वजह है कि तिरंगे का ऊपरी रंग देश के वीरों की भावना को दर्शाता है.
सफेद रंग शांति, सत्य और पवित्रता का प्रतीक है. इसे चंद्रमा और शुक्र से जोड़ा जाता है. चंद्रमा मन की स्थिरता और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है जबकि शुक्र प्रेम और सौंदर्य का। तिरंगे का यह रंग देश की एकता और अहिंसा के सिद्धांत को दर्शाता है.
हरा रंग समृद्धि, प्रगति और कृषि परंपरा का प्रतीक है. ज्योतिष में यह बुध ग्रह से जुड़ा है, जो बुद्धि और संचार का कारक है. यह रंग देश की हरियाली, विकास और संतुलन की ओर इशारा करता है.
नीला रंग जो अशोक चक्र के रूप में तिरंगे के बीच में है, शनि और गुरु ग्रह से जुड़ा है. शनि अनुशासन और कर्तव्य का प्रतीक है, जबकि गुरु ज्ञान और विस्तार का प्रतीक है. अशोक चक्र धर्म, सत्य और निरंतर प्रगति का संदेश देता है.
तिरंगे के ये चार रंग मिलकर भारत की आत्मा को दर्शाते हैं. जहां साहस है, शांति है, समृद्धि है और धर्म का मार्ग है. यही है भारत की असली पहचान.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
MP SUGAM PARIVAHAN SEVA LAUNCH: मध्य प्रदेश में सरकारी निगरानी वाली सुलभ और सुरक्षित यात्री…
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग…
एडीआर ने नेशनल इलेक्शन वॉच के साथ लोकसभा, राज्यसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निर्वाचित…
बिहार के लखीसराय में 60 साल के पिंकू सिंह ने 23 साल की वर्षा रानी…
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को मिलने वाली सुविधाओं में राज्यों के बीच…
बनारस को मोक्ष की नगरी कहा जाता है, लेकिन इसी शहर की चिताओं के बीच…