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डिजिटल बदलाव को अपनाने में भारतीय सबसे आगे, टेक्नोलॉजी सेंटिमेंट इंडेक्स में भारत को मिले 74 अंक, दुनिया को छोड़ा पीछे

India AI Trust: भारत में लोगों का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई पर भरोसा तेजी से बढ़ रहा है. एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 85 प्रतिशत उपभोक्ता एआई को लेकर भरोसा जताते हैं और मानते हैं कि आने वाले समय में यह तकनीक भविष्य को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाएगी.

अश्योरेंट इंक की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि भारत में 94 प्रतिशत लोगों का मानना है कि तकनीक ने उनकी जिंदगी को पहले से आसान और बेहतर बनाया है.

रिपोर्ट के अनुसार, टेक्नोलॉजी सेंटिमेंट इंडेक्स में भारत को 74 अंक मिले हैं. यह वैश्विक औसत से काफी ज्यादा है. इसका मतलब है कि भारतीय उपभोक्ता नई तकनीकों को लेकर ज्यादा उत्साहित हैं और डिजिटल बदलाव को अपनाने के लिए तैयार हैं.

रोजमर्रा की जिंदगी में बढ़ रही तकनीक की भूमिका

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के उपभोक्ता अब ऐसे एआई वाले उपकरणों को अपनाने के लिए तैयार हैं, जो उनका काम आसान करें, समय बचाएं और रोजमर्रा की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करें.

आज स्मार्टफोन, कंप्यूटर और कनेक्टेड डिवाइस लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. कामकाज हो, मनोरंजन हो, बातचीत हो या पैसों का लेन-देन—हर जगह लोग तकनीक पर निर्भर हैं. ऐसे में लोग चाहते हैं कि उन्हें बिना रुकावट के तेज, आसान और भरोसेमंद डिजिटल अनुभव मिले.

अश्योरेंट इंटरनेशनल के अध्यक्ष फेडेरिको बुंगे ने कहा कि दुनिया भर में कनेक्टेड तकनीक लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनती जा रही है. अब जरूरत इस बात की है कि तकनीक लोगों की जरूरतों के हिसाब से काम करे. तकनीक सिर्फ नई नहीं होनी चाहिए, बल्कि आसान, भरोसेमंद और उपयोगी भी होनी चाहिए.

भारत में तेजी से बदल रहा डिजिटल व्यवहार

फेडेरिको बुंगे के मुताबिक, भारत में यह बदलाव बहुत तेजी से दिख रहा है. यहां के डिजिटल उपभोक्ता एआई आधारित तकनीकों को तेजी से अपना रहे हैं. वे ऐसी सुविधाएं चाहते हैं, जो बिना किसी परेशानी के उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल हो जाएं.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जब लोगों को इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्टोरेज या डिवाइस से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, तो इसका असर सीधे उनकी दिनचर्या पर पड़ता है. इसलिए अब उपभोक्ताओं के लिए डिवाइस का सही तरीके से काम करना और समय पर तकनीकी मदद मिलना बेहद जरूरी हो गया है.

डिवाइस प्रोटेक्शन प्लान पर भी बढ़ा भरोसा

रिपोर्ट के अनुसार, डिवाइस प्रोटेक्शन प्लान अब कंपनियों के लिए उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने का बड़ा जरिया बन रहे हैं. भारत में 97 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कहा कि अगर उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से प्रोटेक्शन प्लान मिले, तो वे नया डिवाइस खरीदने और उसके साथ सुरक्षा योजना लेने के लिए ज्यादा तैयार होंगे.

अश्योरेंट इंडिया की कंट्री डायरेक्टर हरिनी कन्नन ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से आगे बढ़ते कनेक्टेड उपभोक्ता बाजारों में से एक है. भारतीय उपभोक्ता नई तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपना रहे हैं. वे चाहते हैं कि तकनीक उनके जीवन को आसान बनाए, न कि परेशानी बढ़ाए.

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उन्होंने कहा कि ऐसे समय में कंपनियों के पास बड़ा मौका है. अगर वे बेहतर सर्विस, भरोसेमंद प्रोटेक्शन और आसान तकनीकी मदद दें, तो वे उपभोक्ताओं का भरोसा जीत सकती हैं और बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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