देश

भारत-ईयू की स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार, पीएम मोदी ने रिन्यूएबल एनर्जी समिट का किया उद्घाटन

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच स्वच्छ ऊर्जा को लेकर सहयोग लगातार आगे बढ़ रहा है. दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नई तकनीकों, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का उद्घाटन किया. इस दौरान पीएम मोदी टीम यूरोप पवेलियन भी पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी पर यूरोपीय संघ ने खुशी जाहिर की.

यूरोपीय संघ के भारत में राजदूत जीन-एरिक पाक्वेट ने प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को खास बताते हुए भारत और EU के बीच स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम से जुड़ी कुछ तस्वीरें और एक वीडियो क्लिप साझा की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट के साथ साझेदारी करना उनके लिए खुशी की बात है.

पीएम मोदी के विचारों का किया जिक्र

जीन-एरिक पाक्वेट ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नए प्रयोगों, नवाचार और साहसिक सोच को बढ़ावा देने की जरूरत बताई थी.

यूरोपीय संघ के राजदूत ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ की स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी भी इन्हीं लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के टीम यूरोप पवेलियन पहुंचने को सम्मान की बात बताया. उनके मुताबिक, भारत और EU के बीच सहयोग से स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर तैयार हो सकते हैं.

नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो का आयोजन 2 से 5 नवंबर तक किया जा रहा है. इस आयोजन में भारत समेत दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि, ऊर्जा कंपनियों के अधिकारी, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं.

इस समिट का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ाना, नई तकनीकों को सामने लाना और अलग-अलग देशों के बीच सहयोग को मजबूत करना है. कार्यक्रम के जरिए सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों से जुड़े नए समाधानों पर भी चर्चा हो रही है.

2016 से साथ काम कर रहे हैं भारत और यूरोपीय संघ

भारत और यूरोपीय संघ के बीच स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु साझेदारी की शुरुआत साल 2016 में हुई थी. इसके बाद से दोनों पक्ष कई अहम क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं. इनमें नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, स्मार्ट ग्रिड, हरित हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं.

इस साझेदारी का मकसद केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसे विकल्पों को बढ़ावा देना भी है, जिनसे पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके.

भारत के लिए क्यों अहम है यह साझेदारी?

भारत में आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ बिजली और ऊर्जा की मांग भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में देश के सामने एक तरफ बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने की जिम्मेदारी भी है.

यूरोपीय संघ के साथ सहयोग से भारत को नई तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं. वहीं, भारत यूरोपीय कंपनियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े बाजार के रूप में महत्वपूर्ण है.

Shreyansh Choubey

Recent Posts

गाजीपुर में बंपर जॉब फेयर! 18 से 40 साल के युवाओं के लिए नौकरी पाने का शानदार अवसर, यहां देखें पूरी डिटेल्स

गाजीपुर के जखनियां में 5 नवंबर को वृहद रोजगार मेले का आयोजन होगा. इसमें 25…

18 minutes ago

घंटों हेडफोन लगाकर सुनते हैं गाने? हो सकते हैं बहरेपन के शिकार, जानें कितना वॉल्यूम है सुरक्षित

Headphone Side Effects: लगातार तेज आवाज में हेडफोन पर गाने सुनने से सुनने की क्षमता…

36 minutes ago

बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा की याचिका पर IB ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दी

सुप्रीम कोर्ट में जगतार सिंह हवारा की जेल ट्रांसफर याचिका पर IB ने रिपोर्ट सौंपी…

1 hour ago

त्रिपुरा में BSF जवानों पर तस्करों का हमला, 3 घायल, हथियार छीनने की कोशिश, गाड़ी तोड़ी, सीएम ने क्या कहा?

Tripura BSF Attack: त्रिपुरा के बॉक्सानगर में कथित तस्करों और स्थानीय लोगों के हमले में…

1 hour ago

पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन और वकीलों से विवाद पर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर

दिल्ली पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन और वकीलों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में दिल्ली…

1 hour ago